पाकिस्तान की राजनीति और सत्ता के केंद्र में सेना की दखलअंदाजी कोई नई बात नहीं है, लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने इस बहस को फिर हवा दे दी है. वीडियो में पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर, देश के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बगल की कुर्सी से हटाते हुए नजर आते हैं, और खुद उस कुर्सी पर जाकर बैठ जाते हैं.
बताया जा रहा है कि यह वीडियो कतर की राजधानी दोहा का है, जहां एक उच्चस्तरीय बैठक में कई अंतरराष्ट्रीय नेता शामिल थे. वीडियो में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, डिप्टी पीएम इशाक डार, ईरान के राष्ट्रपति मसीह पजेशकियन और आर्मी चीफ आसिम मुनीर एक साथ नजर आते हैं. जैसे ही आसिम मुनीर बैठक में पहुंचते हैं, वे पहले ईरान के राष्ट्रपति से गर्मजोशी से मिलते हैं और फिर इशारे से इशाक डार को कुर्सी से हटने के लिए कहते हैं. इशाक डार बिना किसी हिचकिचाहट के अपनी जगह छोड़ देते हैं और मुनीर प्रधानमंत्री के साथ आकर बैठ जाते हैं.
राजनीतिक ताकत या सैन्य दबदबा?
इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है. रेडिट, X (ट्विटर) और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर यूज़र्स कह रहे हैं कि "पाकिस्तान में असली ताकत सेना के पास है, चुनी हुई सरकार बस नाम की है." कई यूज़र्स ने इसे इशाक डार की सार्वजनिक बेइज्जती बताया है, जबकि कुछ लोग कह रहे हैं कि यह "पाकिस्तान की सत्ता संरचना का असली चेहरा है."
Asim Munir tells the Deputy PM to move so he can sit next to PM.
byu/Merru inpakistan
इशाक डार की स्थिति
डिप्टी पीएम इशाक डार, नवाज शरीफ के करीबी और भरोसेमंद सहयोगी माने जाते हैं. उनके पास विदेश मंत्रालय का अहम जिम्मा भी है. डिप्टी पीएम का पद सरकारी पदक्रम में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बाद तीसरा सबसे बड़ा ओहदा है. ऐसे में एक आर्मी जनरल द्वारा उन्हें सार्वजनिक रूप से कुर्सी से हटाना, सामान्य प्रोटोकॉल के विपरीत माना जा रहा है. सेना प्रमुख का ओहदा औपचारिक रूप से डिप्टी पीएम से नीचे होता है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर ये साबित कर दिया कि पाकिस्तान में सत्ता का असली केंद्र सैन्य प्रतिष्ठान ही है.
आसिम मुनीर: पाकिस्तान की 'शॉडो पॉलिटिक्स' का असली चेहरा?
जनरल आसिम मुनीर, 2022 से पाकिस्तान के सेना प्रमुख हैं. वे पहले आईएसआई (Inter-Services Intelligence) के प्रमुख रह चुके हैं. वे पहले पाकिस्तानी आर्मी चीफ हैं, जिनसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अकेले में व्हाइट हाउस में मुलाकात की थी. हाल ही में उन्हें फील्ड मार्शल की उपाधि भी दी गई थी, खासतौर पर भारत द्वारा किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद. अंदरखाने की खबरों की मानें तो पाकिस्तान की सत्ता पर उनका प्रभाव इस हद तक है कि मुनीर को भविष्य का राष्ट्रपति भी बताया जा रहा है. हालांकि, खुद मुनीर ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा था कि वे 2027 तक सेना प्रमुख बने रहेंगे.
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