क्या बलूचिस्तान में घुटने टेकेंगे आसिम मुनीर? हिंसा को बताया विदेशी साजिश, BLA ने बढ़ाई टेंशन

Pakistan Balochistan Conflict: पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने बलूचिस्तान में जारी हिंसा को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बलूचिस्तान में सक्रिय लड़ाकों की गतिविधियों को विदेशी समर्थन से चलने वाला बताया.

Asim Munir bow down in Balochistan termed the violence a foreign conspiracy BLA
Image Source: Social Media

Pakistan Balochistan Conflict: पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने बलूचिस्तान में जारी हिंसा को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बलूचिस्तान में सक्रिय लड़ाकों की गतिविधियों को विदेशी समर्थन से चलने वाला बताया. मुनीर का कहना है कि इन गतिविधियों का मकसद बलूचिस्तान में अशांति और अस्थिरता पैदा करना है.

उन्होंने यह बात बलूचिस्तान के सरकार समर्थक लोगों से मुलाकात के दौरान कही. इसी बीच बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने दावा किया है कि उसने पीशीन जिले के सारानान शहर के एक पुलिस थाने को विस्फोट से उड़ा दिया और इसके बाद शहर पर कब्जा कर लिया.

मुनीर ने विदेशी समर्थन का लगाया आरोप

बलूचिस्तान में लंबे समय से अलग देश की मांग को लेकर कई संगठन सक्रिय हैं. 1947 में पाकिस्तान बनने के बाद से ही इस इलाके में आजादी की मांग उठती रही है. बीएलए समेत कई संगठन इस मांग को लेकर पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं.

आसिम मुनीर ने कहा कि बलूचिस्तान और पाकिस्तान पहले भी एक थे और आगे भी एक रहेंगे. उन्होंने किसी देश का नाम लिए बिना आरोप लगाया कि विदेशी ताकतें आर्थिक और दूसरे तरह के समर्थन के जरिए बलूचिस्तान में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही हैं. मुनीर के मुताबिक, हिंसा के जरिए सरकार और आम लोगों के बीच दूरी बढ़ाने की कोशिश की जा रही है.

बीएलए ने पुलिस थाने पर कब्जे का दावा किया

इसी बीच बीएलए ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने पीशीन जिले के सारानान शहर में पुलिस थाने को निशाना बनाया. संगठन का कहना है कि विस्फोट के बाद उसने शहर पर नियंत्रण कर लिया.

हालांकि, बीएलए के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है.

बलूचिस्तान में सक्रिय अलगाववादी संगठन पाकिस्तान सरकार पर इलाके के लोगों के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाते रहे हैं. उनका कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर होने के बावजूद बलूचिस्तान आज भी विकास के मामले में पीछे है.

लापता लोगों को लेकर भी सवाल

बलूचिस्तान के मानवाधिकार संगठनों की ओर से लंबे समय से लोगों के अचानक गायब होने के मामलों को लेकर चिंता जताई जाती रही है. उनका आरोप है कि आजादी और अधिकारों की मांग करने वाले लोगों को हिरासत में लिया जाता है या वे लापता हो जाते हैं. वहीं पाकिस्तान सरकार और सेना इन आरोपों को खारिज करती रही है और बलूचिस्तान में हिंसा के लिए अलगाववादी संगठनों को जिम्मेदार बताती है.

विदेशों में भी हुआ विरोध प्रदर्शन

बलूचिस्तान में सैन्य कार्रवाई के खिलाफ विदेशों में भी प्रदर्शन हुए हैं. नीदरलैंड्स की राजधानी एम्सटर्डम में बलूच नेशनल मूवमेंट के बैनर तले लोगों ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने सूरब इलाके में पाकिस्तानी वायुसेना की कथित बमबारी की जांच की मांग की. 

उनका कहना था कि इस कार्रवाई में महिलाओं और बच्चों समेत कई लोगों की जान गई. प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि इस घटना की जांच संयुक्त राष्ट्र या अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रतिनिधियों की निगरानी में कराई जाए.

ये भी पढ़ें- कश्मीर को लेकर गोर के बयान पर बिलबिलाया पाकिस्तान, अब भारत ने दिया करारा जवाब