Bannu Attack: खैबर पख्तूनख्वा के बन्नू जिले में एक बड़ा आत्मघाती हमला हुआ, जिसने पूरे इलाके में डर और तनाव का माहौल बना दिया है. यह हमला सरार दरगाह इलाके में हुआ, जहां सुरक्षा बल एक विशेष अभियान में जुटे हुए थे. इस हमले में तीन सुरक्षा कर्मियों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें एक लेफ्टिनेंट कर्नल स्तर के अधिकारी भी शामिल थे.
एक आम नागरिक की भी इस धमाके में जान चली गई. वहीं कई अन्य सैनिक घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया. कुछ रिपोर्ट के अनुसार लेफ्टिनेंट कर्नल गुल फराज समेत कुल पांच सैनिकों की मौत हुई है और चार अन्य घायल हैं. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हमला कितना खतरनाक और नुकसानदायक था.
Eight security personnel were injured in a quadcopter attack in Bannu. The militants group has dropped four explosives shells against the FC Line in Daryoba. The incident occurred on the evening of 20 February. However, all the injured were shifted to the hospital for treatment. pic.twitter.com/ruGl39qmwJ
— Jawad Yousafzai (@JawadYousufxai) February 21, 2026
कैसे हुआ हमला
बताया जा रहा है कि एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से भरी मोटरसाइकिल रिक्शा को सुरक्षा बलों के खास बख्तरबंद वाहन से टकरा दिया. यह वाहन ऐसे हमलों से बचाव के लिए बनाया जाता है, लेकिन धमाका इतना तेज था कि वाहन को भारी नुकसान पहुंचा.
हमले के समय कमांडिंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल शहजादा गुल खुफिया जानकारी के आधार पर चल रहे अभियान में शामिल थे. जैसे ही वह वाहन से बाहर निकल रहे थे, उसी समय जोरदार विस्फोट हुआ, जिसमें उनकी मौके पर ही मौत हो गई.
हमले के बाद सुरक्षा बलों की कार्रवाई
हमले के तुरंत बाद पूरे इलाके को घेर लिया गया और तलाशी अभियान शुरू किया गया. अब तक पांच आतंकियों को मार गिराने की खबर है और कार्रवाई अभी भी जारी है. सुरक्षा एजेंसियां हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं. इस घटना से पहले खोस्त प्रांत के ऊपर ड्रोन देखे जाने की खबरें भी सामने आई थीं, जिससे इलाके में पहले से ही सतर्कता बढ़ा दी गई थी.
किस पर शक
हालांकि किसी भी संगठन ने अभी तक इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन शक तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान पर जताया जा रहा है. यह संगठन पहले भी इस इलाके में सुरक्षा बलों को निशाना बनाता रहा है.
लगातार बढ़ रहे हमले चिंता का कारण
यह पिछले 15 दिनों में तीसरा और सिर्फ 5 दिनों में दूसरा आत्मघाती हमला है. इससे साफ है कि इलाके में आतंकवादी गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं. इसी हफ्ते बाजौर जिले में भी इसी तरह का हमला हुआ था, जिसमें विस्फोटकों से भरे वाहन को एक चौकी से टकरा दिया गया था. उस घटना में 12 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें 11 सुरक्षाकर्मी शामिल थे.
टीटीपी की बढ़ती सक्रियता
तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान पिछले कुछ समय से पाकिस्तान में अपने हमलों को लगातार बढ़ा रहा है. संगठन का उद्देश्य अपनी कट्टर सोच को लागू करना बताया जाता है. पाकिस्तान सरकार का कहना है कि यह संगठन हमलों और प्रशिक्षण के लिए अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल करता है, हालांकि अफगानिस्तान इन आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है. लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया है. सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और भी कड़ी कर दी गई है ताकि आगे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
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