ममता बनर्जी को एक और झटका, अब TMC के राज्यसभा सांसद ने दिया इस्तीफा, जानें कौन हैं प्रकाश चिक बाराइक

तृणमूल कांग्रेस (TMC) को राज्यसभा में एक और बड़ा झटका लगा है. पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बाराइक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

Another setback for Mamata Banerjee TMC Rajya Sabha MP has resigned
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तृणमूल कांग्रेस (TMC) को राज्यसभा में एक और बड़ा झटका लगा है. पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बाराइक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उनके इस्तीफे के बाद उच्च सदन में टीएमसी की संख्या और कम हो गई है. इससे पहले सुखेंदु शेखर रॉय और सुष्मिता देव भी राज्यसभा सदस्यता छोड़ चुके हैं.

प्रकाश चिक बाराइक के इस्तीफे के बाद राज्यसभा में टीएमसी के सांसदों की संख्या 13 से घटकर 10 रह गई है. राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि आने वाले दिनों में पार्टी के कुछ अन्य सांसद भी इसी तरह का कदम उठा सकते हैं.

लगातार बढ़ रही हैं पार्टी की मुश्किलें

हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष की खबरें लगातार सामने आ रही हैं. कई नेताओं और सांसदों के पार्टी से दूरी बनाने की चर्चाओं ने संगठन की चुनौतियों को बढ़ा दिया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच पार्टी नेतृत्व पर दबाव बढ़ता जा रहा है.

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि कई वरिष्ठ नेता और सांसद अपने भविष्य को लेकर नए विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. इससे पार्टी की एकजुटता को लेकर सवाल उठने लगे हैं.

बागी सुरों की बढ़ती चर्चा

पार्टी के कुछ नेताओं के रुख को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं. इनमें कुछ ऐसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं, जिन्हें लंबे समय तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता रहा है. राजनीतिक हलकों में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि आने वाले समय में और भी नेता अलग रास्ता चुन सकते हैं.

कुछ दिनों में तीन बड़े इस्तीफे

टीएमसी के लिए पिछले कुछ दिन काफी चुनौतीपूर्ण रहे हैं.

  • 8 जून को राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने इस्तीफा दिया.
  • 10 जून को सुष्मिता देव ने भी अपना पद छोड़ दिया.
  • 11 जून को प्रकाश चिक बाराइक ने इस्तीफा देकर पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दीं.

इन तीन इस्तीफों के बाद राज्यसभा में पार्टी की संख्या घटकर 10 रह गई है.

लोकसभा में भी असंतोष की चर्चाएं

राज्यसभा के अलावा लोकसभा में भी कुछ सांसदों के असंतुष्ट होने की खबरें सामने आती रही हैं. सूत्रों के अनुसार, कई सांसदों के राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं जारी हैं. हाल ही में कुछ नेताओं की अन्य राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकातों ने भी इन अटकलों को और बल दिया है.

संगठन को मजबूत रखने की चुनौती

लगातार हो रहे इस्तीफों और नेताओं के असंतोष की खबरों के बीच तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व के सामने संगठन को एकजुट बनाए रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि आने वाले दिनों में पार्टी की रणनीति और नेतृत्व के फैसले उसके भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे.

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