Tibet Rasuwa Lake Burst: नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत सीमा के पास बनी एक झील का बांध टूट गया है. इसके बाद पानी का स्तर बढ़ने लगा है. खतरे को देखते हुए नेपाल में राहत और बचाव का काम फिलहाल 90 मिनट के लिए रोक दिया गया है. नेपाली अधिकारियों ने आम लोगों के साथ सुरक्षाकर्मियों और बचाव दल को भी सुरक्षित जगह पर जाने को कहा है.
इस बीच चीन ने शुक्रवार को तिब्बत में राहत और बचाव अभियान रोक दिया और लेवल-4 अलर्ट जारी किया. अधिकारियों के मुताबिक, इलाके में दोबारा बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है. बुधवार को हुए भूस्खलन के बाद से बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता हैं.
बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल और तिब्बत में अब तक 478 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. वहीं 1500 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं. इनमें करीब 290 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं.
तबाही के आंकड़े
नेपाल में
नेपाल में अब तक 469 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. करीब 977 लोग अभी भी लापता हैं. लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक, 45 नेपाली सेना के जवान और 41 नेपाल पुलिस के कर्मचारी शामिल हैं.
तिब्बत में
तिब्बत में अब तक 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 558 लोग अभी भी लापता हैं. इनमें 260 विदेशी नागरिक भी शामिल हैं.
नेपाली सेना ने जारी किया अलर्ट
नेपाली सेना को जानकारी मिली है कि तिब्बत की तरफ पानी का बहाव एक बार फिर बढ़ रहा है और पानी फैल सकता है. इसे देखते हुए राहत और बचाव के काम में लगे सुरक्षाकर्मियों और आम लोगों को तुरंत सतर्क रहने को कहा गया है.
सेना ने लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने की अपील की है. साथ ही आसपास रहने वाले लोगों को भी इस खतरे की जानकारी देने और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में मदद करने को कहा गया है.