नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी विदेश यात्रा कूटनीतिक लिहाज से काफी अहम मानी जा रही है. पीएम मोदी मध्य एशिया के उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान का दौरा करेंगे. यात्रा के दौरान किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 26वें शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी होगी. सबसे खास बात यह है कि सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ पीएम मोदी की मुलाकात होने की संभावना है. इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर बातचीत पर नजर रहेगी.
उज्बेकिस्तान की यात्रा का शेड्यूल
विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने बताया- "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 से 30 अगस्त तक उज्बेकिस्तान की यात्रा पर रहेंगे. उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति के निमंत्रण पर ये यात्रा आयोजित हो रही है. बीते कुछ साल में, भारत और उज्बेकिस्तान ने द्विपक्षीय और बहुपक्षीय दोनों तरह से व्यापक और सार्थक संबंध बनाए रखे हैं. भारत और उज्बेकिस्तान ने 2011 में अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था. तब से, दोनों देशों के बीच कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों का काफी विस्तार हुआ है."
क्या है यात्रा का महत्व?
विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज ने बताया- "प्रधानमंत्री की ये यात्रा भारत और उज्बेकिस्तान के बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती प्रदान करेगी. संभावना है कि इस यात्रा के दौरान आपसी हित के कई क्षेत्रों पर चर्चा होगी और दोनों देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने के नए रास्ते तलाशे जाएंगे. यह यात्रा भारत और उज्बेकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक संबंधों को सामने लाने का मौका देगी, साथ ही आपसी संबंधों को और मजबूत करने में एकेडमिक और लोगों के बीच आपसी आदान-प्रदान की अहम भूमिका को भी सामने लाएगी."
31 अगस्त से 1 सितंबर तक बिश्केक दौरा
विदेश मंत्रालय के सचिव सिबी जॉर्ज के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक बिश्केक में रहेंगे और SCO शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. उन्होंने कहा कि SCO की स्थापना आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ जैसी चुनौतियों से निपटने के उद्देश्य से की गई थी, जो आज भी गंभीर मुद्दे बने हुए हैं. इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर रूस की यात्रा के दौरान राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात कर चुके हैं और SCO सम्मेलन में दोनों नेताओं की संभावित मुलाकात की जानकारी भी सामने आई थी. पीएम मोदी उज्बेकिस्तान की यात्रा पूरी करने के बाद किर्गिस्तान पहुंचेंगे.
क्या है SCO और क्यों है अहम?
शंघाई सहयोग संगठन एक क्षेत्रीय आर्थिक और सुरक्षा समूह है, जिसमें भारत के अलावा चीन, रूस, पाकिस्तान, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान सदस्य हैं. इन देशों में दुनिया की करीब 40 फीसदी आबादी रहती है और वैश्विक GDP में इनकी हिस्सेदारी लगभग 20 फीसदी है. वर्ष 2001 में चीन के शंघाई में स्थापित SCO का उद्देश्य क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना है. इसके साथ ही सदस्य देश आतंकवाद, अलगाववाद और चरमपंथ जैसी चुनौतियों के खिलाफ सहयोग बढ़ाने पर भी जोर देते हैं.
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