Amit Shah West Bengal: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू हो गई है और भारतीय जनता पार्टी ने इस दौरान कई अहम संगठनात्मक कदम उठाए हैं. इसके तहत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पश्चिम बंगाल के लिए भाजपा का केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. इस नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य राज्य में विधायक दल के नेता के चुनाव और सरकार गठन की प्रक्रिया की निगरानी करना है.
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने 5 मई 2026 को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके यह जानकारी दी. प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि पार्टी के संसदीय बोर्ड ने यह फैसला लिया है कि अमित शाह केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में पश्चिम बंगाल में विधायक दल की बैठक और नेता के चुनाव की प्रक्रिया का नेतृत्व करेंगे.
भाजपा के संसदीय बोर्ड ने पश्चिम बंगाल में पार्टी विधायक दल के नेता के चुनाव हेतु श्री @AmitShah, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री, भारत सरकार को केंद्रीय पर्यवेक्षक एवं श्री मोहन चरण माझी, मुख्यमंत्री, ओडिशा सरकार, को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। pic.twitter.com/QdnNcGqVP4
— BJP (@BJP4India) May 5, 2026
ओडिशा के मुख्यमंत्री को बनाया सह-पर्यवेक्षक
पार्टी ने पश्चिम बंगाल में प्रक्रिया को और मजबूत बनाने के लिए ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को केंद्रीय सह‑पर्यवेक्षक नियुक्त किया है. अमित शाह और मोहन चरण माझी दोनों मिलकर राज्य में विधायक दल की बैठक और नेतृत्व चयन की सभी औपचारिकताओं को पूरा करेंगे.
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह का बंगाल दौरा संगठन और सरकार दोनों स्तर पर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा को ऐतिहासिक जनादेश मिला है और पार्टी अब तेजी से सरकार गठन की औपचारिकताएं पूरी करने में जुटी है.
असम में भी सरकार गठन की तैयारियां तेज
पश्चिम बंगाल के साथ ही असम में भी नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेजी पकड़ चुकी है. भाजपा के संसदीय बोर्ड ने असम में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है.
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और रसायन व उर्वरक मंत्री जे. पी. नड्डा को असम के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया गया है. उनकी जिम्मेदारी होगी कि वे राज्य में भाजपा विधायक दल की बैठक और नेता के चुनाव की प्रक्रिया की निगरानी करें.
नायब सिंह सैनी को भी मिली जिम्मेदारी
साथ ही हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को असम के लिए केंद्रीय सह‑पर्यवेक्षक बनाया गया है. दोनों नेता मिलकर पार्टी के विधायकों से संवाद करेंगे और नेतृत्व चयन की सभी औपचारिकताएं पूरी कराएंगे.
भाजपा सूत्रों का कहना है कि असम में पार्टी को मिली प्रचंड जीत के बाद नेतृत्व बिना किसी देरी के सरकार गठन करना चाहता है. केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
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