Amit Shah in Bengal: पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विकास, कानून-व्यवस्था और राज्य की राजनीतिक स्थिति को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं. उन्होंने एक ओर जहां अमूल बंगाल की महत्वाकांक्षी डेयरी परियोजना की आधारशिला रखी, वहीं दूसरी ओर बंगाल की ऐतिहासिक विरासत, वर्तमान राजनीति और भविष्य के विकास को लेकर भी अपनी बात रखी. शाह ने कहा कि राज्य एक समय शिक्षा और सामाजिक विकास में पूरे देश का मार्गदर्शन करता था और अब फिर से 'सोनार बांग्ला' के निर्माण की दिशा में प्रयास तेज किए जा रहे हैं.
अमूल की मेगा डेयरी परियोजना की रखी आधारशिला
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को पश्चिम बंगाल के हावड़ा में बनने वाली अमूल बंगाल डेयरी परियोजना का शिलान्यास किया. न्यू टाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर से उन्होंने डिजिटल माध्यम से इस परियोजना की आधारशिला रखी. कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और गुजरात को-ऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.
सरकार का मानना है कि यह परियोजना राज्य के डेयरी उद्योग के लिए एक नई शुरुआत साबित होगी और लाखों किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
बंगाल की विरासत का किया जिक्र
अपने संबोधन में अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल कभी शिक्षा, संस्कृति और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करता था. स्वतंत्रता आंदोलन में भी बंगाल का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है और यहां से कई महान स्वतंत्रता सेनानी देश को मिले. उन्होंने कहा कि बंगाल ने लंबे समय तक विभिन्न क्षेत्रों में देश को नई दिशा दी, लेकिन बाद के वर्षों में राज्य की प्रगति प्रभावित हुई. शाह के अनुसार अब राज्य में विकास की नई सोच के साथ आगे बढ़ने का अवसर है.
राजनीतिक बदलाव पर भी बोले अमित शाह
अमित शाह ने अपने भाषण में राज्य की राजनीति का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक पश्चिम बंगाल में वामपंथी विचारधारा का प्रभाव रहा और उसके बाद तृणमूल कांग्रेस की सरकार आई. उन्होंने दावा किया कि वर्तमान समय में 'सोनार बांग्ला' के निर्माण का अभियान फिर से गति पकड़ रहा है. उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं के लंबे संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में राजनीतिक बदलाव की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं.
कानून-व्यवस्था और सीमा सुरक्षा पर हुई चर्चा
तीन दिवसीय बंगाल दौरे के दौरान अमित शाह ने राज्य में कानून-व्यवस्था और सीमा सुरक्षा को लेकर भी समीक्षा बैठकें कीं. उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ घुसपैठ रोकने, महिलाओं की सुरक्षा मजबूत करने और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि इन विषयों पर कई महत्वपूर्ण निर्णयों और भविष्य की रणनीतियों पर विचार किया गया है.
डेयरी सेक्टर को मिलेगा बड़ा आर्थिक लाभ
करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से हावड़ा फूड पार्क में बनने वाली यह परियोजना प्रतिदिन लगभग 30 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण करने में सक्षम होगी. इसके अलावा संयंत्र में हर दिन करीब 1,000 टन दही और अन्य मूल्यवर्धित डेयरी उत्पाद तैयार किए जाएंगे. परियोजना पूरी होने के बाद इसे दुनिया की सबसे बड़ी दही उत्पादन इकाई माना जाएगा, जिससे पश्चिम बंगाल डेयरी उद्योग के क्षेत्र में नई पहचान बना सकेगा.
किसानों और महिलाओं को होगा सीधा फायदा
सरकारी जानकारी के अनुसार इस परियोजना से पश्चिम बंगाल के 1.25 लाख से अधिक डेयरी किसानों को लाभ मिलने की संभावना है. इनमें 30 हजार से ज्यादा महिला दुग्ध उत्पादक भी शामिल हैं. इस संयंत्र के शुरू होने से किसानों को दूध बेचने के लिए स्थायी बाजार मिलेगा, जिससे उनकी आय में स्थिरता आएगी. साथ ही राज्य में डेयरी सहकारी नेटवर्क भी पहले की तुलना में अधिक मजबूत होगा.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बड़ी डेयरी परियोजनाएं केवल दूध उत्पादन तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि इससे परिवहन, कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग और खाद्य प्रसंस्करण जैसे कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी पैदा होते हैं. पश्चिम बंगाल में प्रस्तावित यह परियोजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के साथ-साथ राज्य के डेयरी उद्योग को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है.
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