अमेरिका में पिछले 41 दिनों से चल रहा ऐतिहासिक सरकारी शटडाउन अब अपने अंत की ओर बढ़ता दिख रहा है. मंगलवार को अमेरिकी सीनेट ने सरकारी फंडिंग से जुड़े बिल को मंजूरी दे दी, जिससे उम्मीद जगी है कि देश का अब तक का सबसे लंबा शटडाउन जल्द खत्म हो सकता है. इस शटडाउन के चलते लाखों सरकारी कर्मचारियों को वेतन नहीं मिला, कई सामाजिक योजनाएं ठप हो गईं और देश के हवाई यातायात से लेकर फूड सप्लाई तक बुरी तरह प्रभावित हुई.
सीनेट में यह फंडिंग बिल 60-40 के अंतर से पारित हुआ. इसमें लगभग सभी रिपब्लिकन सांसदों के साथ आठ डेमोक्रेट्स ने भी समर्थन दिया. हालांकि कुछ डेमोक्रेट सांसदों ने इस बिल में हेल्थ बीमा सब्सिडी को भी जोड़ने की मांग की थी, जो इस साल के अंत में खत्म होनी है. इस पर फिलहाल कोई स्पष्ट सहमति नहीं बन सकी है, लेकिन दिसंबर में इस मुद्दे पर मतदान कराने का प्रावधान जोड़ा गया है. यह हेल्थ सब्सिडी वर्तमान में करीब 2.4 करोड़ अमेरिकियों को सीधा फायदा पहुंचाती है, इसलिए इसके भविष्य को लेकर अभी भी असमंजस बना हुआ है.
कर्मचारियों की छंटनी की योजना पर रोक
नए बिल में यह प्रावधान शामिल है कि 1 अक्टूबर से समाप्त हुई संघीय एजेंसियों की फंडिंग बहाल की जाएगी. इसके साथ ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस विवादित योजना को भी रोक दिया गया है, जिसमें संघीय कर्मचारियों की छंटनी का प्रस्ताव था. अब इस बिल के लागू होने के बाद 30 जनवरी तक किसी भी सरकारी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला जा सकेगा.
हाउस में भी जल्द पास होने की उम्मीद
यह बिल अब हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में जाएगा, जहां रिपब्लिकन पार्टी के सांसदों का बहुमत है. हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने कहा है कि वे इस बिल को जल्द पास कर राष्ट्रपति ट्रंप के हस्ताक्षर के लिए भेजेंगे. ट्रंप ने भी इस समझौते की सराहना करते हुए कहा, यह एक सकारात्मक कदम है जो अमेरिका को स्थिरता और मजबूती की ओर ले जाएगा.
सरकारी खर्च में 1.8 ट्रिलियन डॉलर की बढ़ोतरी
इस बिल से अमेरिकी सरकार के वार्षिक खर्च में लगभग 1.8 ट्रिलियन डॉलर का इजाफा होगा. इससे अमेरिका का कुल राष्ट्रीय कर्ज 38 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंच जाएगा. हालांकि इस पर कई डेमोक्रेट सांसदों ने नाराजगी जताई है. उनका कहना है कि इतनी बड़ी फंडिंग के बावजूद हेल्थ बीमा सब्सिडी की निरंतरता को लेकर कोई गारंटी नहीं दी गई है. साथ ही इस बिल में SNAP फूड-सब्सिडी प्रोग्राम के लिए भी अगले साल 30 सितंबर तक फंडिंग का प्रावधान रखा गया है. इसका मतलब यह है कि अगर भविष्य में कोई और शटडाउन होता है, तब भी गरीब तबके को मिलने वाली खाद्य सहायता बाधित नहीं होगी.
डेमोक्रेट्स बोले “शटडाउन का लाभ नहीं उठा पाए”
डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ नेता डिक डर्बिन ने इस फैसले पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि यह शटडाउन बेहतर नीतियों को अपनाने का अवसर बन सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका. उनके अनुसार, “देश की जनता इस शटडाउन से केवल असुविधा और निराशा झेल रही थी, जबकि किसी ठोस नीति सुधार का परिणाम नहीं निकला.”
जनभावना बंटी, दोनों पार्टियों पर आरोप
अक्टूबर के अंत में किए गए एक सर्वे के मुताबिक, 50% अमेरिकियों ने इस शटडाउन के लिए रिपब्लिकन पार्टी को जिम्मेदार बताया, जबकि 43% लोगों ने डेमोक्रेट्स को दोषी ठहराया. इस विभाजित जनभावना ने वॉशिंगटन की राजनीतिक स्थिति को और जटिल बना दिया है.
अंत की ओर एक लंबे संकट का सफर
यह शटडाउन न केवल अमेरिकी प्रशासन की कार्यप्रणाली की सीमाओं को उजागर करता है, बल्कि इसने दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की नीतिगत जटिलताओं को भी सामने ला दिया. अब जबकि बिल पास हो गया है, लाखों सरकारी कर्मचारी और नागरिक राहत की सांस ले रहे हैं.
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