Lindsey Graham Death: अमेरिका के वरिष्ठ सांसद और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले लिंडसे ग्राहम की मौत के बाद सोशल मीडिया पर ईरान से जुड़ी कुछ तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं. इन तस्वीरों में कथित तौर पर ईरान की 'हिट लिस्ट' दिखाई गई है, जिसमें लिंडसे ग्राहम की तस्वीर पर क्रॉस का निशान बना हुआ है.
हालांकि, ईरान की सरकार की ओर से इन तस्वीरों या कथित हिट लिस्ट को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है. इसलिए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
विरोध प्रदर्शनों में भी दिखी थीं तस्वीरें
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में पहले हुए कुछ विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी लिंडसे ग्राहम की तस्वीरें पोस्टरों पर दिखाई गई थीं. उन पोस्टरों में भी उन्हें निशाने पर दिखाया गया था. बताया जाता है कि ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाजे के दौरान भी कुछ पोस्टरों में लिंडसे ग्राहम की तस्वीर दिखाई गई थी.
अब सामने आई नई तस्वीरों में कथित तौर पर उन नेताओं की सूची दिखाई गई है, जिन्हें ईरान का विरोधी बताया गया है. इसमें डोनाल्ड ट्रंप का नाम सबसे ऊपर नजर आता है, जबकि लिंडसे ग्राहम की तस्वीर पर क्रॉस का निशान बना हुआ दिखाई देता है.
"Today Lindsey Graham, tomorrow someone else."
— Baba Banaras™ (@RealBababanaras) July 12, 2026
Islamic regime of Iran has threatened to kill top leaders of U.S. , Israel & gulf countries including U.S. President Donald Trump, Israeli PM Benjamin Netanyahu & UAE President Mohamed bin Zayed Al Nahyan. pic.twitter.com/MxhgkhJO9c
यूक्रेन दौरे के एक दिन बाद हुई मौत
लिंडसे ग्राहम अपनी मौत से एक दिन पहले यूक्रेन के दौरे पर गए थे. वहां उन्होंने ड्रोन निर्माण से जुड़ी एक फैसिलिटी का दौरा किया था. इसके अगले दिन उनके निधन की खबर सामने आई.
लिंडसे ग्राहम के कार्यालय ने क्या कहा?
लिंडसे ग्राहम के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि उनका निधन एक बीमारी के कारण हुआ. बयान में परिवार ने लोगों से प्रार्थना करने की अपील की और इस कठिन समय में उनकी निजता का सम्मान करने का अनुरोध किया.
अमेरिकी राजनीति में था बड़ा नाम
लिंडसे ग्राहम अमेरिका की विदेश नीति पर मजबूत राय रखने वाले नेताओं में गिने जाते थे. वह दो दशक से ज्यादा समय तक दक्षिण कैरोलाइना से सीनेटर रहे. रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान वह यूक्रेन के सबसे बड़े समर्थकों में शामिल थे.
उन्होंने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की लगातार मांग की थी. भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने को लेकर भी उन्होंने कई बार खुलकर आलोचना की थी. इसके अलावा उन्होंने ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की भी कड़ी आलोचना की थी और उन्हें तानाशाह बताया था.
ये भी पढ़ें- जंग के बीच ईरान के अंदर सत्ता संघर्ष! आमने-सामने आए IRGC और राष्ट्रपति पेजेशकियान, जानें पूरा मामला