अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारत पर आरोप लगाया है कि वह अमेरिका के साथ चल रही व्यापार वार्ताओं में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखा रहा है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी. ट्रंप ने इस कदम का कारण भारत द्वारा रूस से तेल की खरीद को बताया था. भारत और अमेरिका के बीच जारी व्यापार समझौते की बातचीत फिलहाल काफी नाजुक मोड़ पर है, जहां दोनों पक्ष अपनी-अपनी शर्तों पर डटे हुए हैं.
स्कॉट बेसेंट ने एक अमेरिकी टीवी चैनल के कार्यक्रम में कहा कि उनका लक्ष्य अक्टूबर के अंत तक एक बड़ा और स्थायी व्यापार समझौता पूरा करना है. उन्होंने उम्मीद जताई कि वे सभी प्रमुख देशों के साथ इस दिशा में सफलता प्राप्त करेंगे.
भारत सरकार भी टैरिफ के प्रभावों का मूल्यांकन कर रही है
सूत्र बताते हैं कि भारत सरकार भी टैरिफ के प्रभावों का मूल्यांकन कर रही है और निर्यातक समुदाय से परामर्श कर वैकल्पिक व्यापार साझेदारियां खोजने की कोशिश कर रही है. वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में यह जानकारी दी कि अमेरिका को भारत के कुल निर्यात का लगभग 55% प्रभावित करेगा, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों पर असर पड़ सकता है.
रूसी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है.
इस बीच, ट्रंप ने भारत को रूस से तेल खरीदने वाला सबसे बड़ा या दूसरा सबसे बड़ा देश बताते हुए कहा कि अमेरिकी टैरिफ नीतियों ने रूसी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचाया है. उन्होंने कहा कि रूस की आर्थिक स्थिति पहले से खराब है और भारत के साथ उसके तेल व्यापार ने इस स्थिति को और जटिल बना दिया है.
भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराया
हाल के महीनों में भारत-अमेरिका के संबंधों में तनाव देखा गया है. ट्रंप ने पहले दावा किया था कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराया है, जिसे भारत ने स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया. इसके बाद उन्होंने भारत के खिलाफ कई बार कड़े बयान दिए और व्यापार टैरिफ को लेकर भी कड़ी नीतियां अपनाईं.
न्यूयॉर्क में (UNGA) में भाग लेंगे PM मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी सितंबर में न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भाग लेंगे, जहां 23 सितंबर को ट्रंप भी भाषण देंगे. यह पीएम मोदी का इस वर्ष अमेरिका का दूसरा दौरा होगा, इससे पहले वह फरवरी में व्हाइट हाउस में ट्रंप से मिले थे. इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती देने की उम्मीद जताई गई थी.
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