अमेरिका की वो घातक फोर्स, जिसने मादुरो के खिलाफ ऑपरेशन को दिया अंजाम; बगदादी का भी किया था खात्मा

US Delta Force: वेनेजुएला की राजधानी काराकास में हाल ही में अमेरिकी सेना द्वारा किए गए ऑपरेशन ने पूरे विश्व को हिला कर रख दिया है. इस कार्रवाई में अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को सीक्रेट तरीके से पकड़ लिया.

America deadly Delta Force carried out the operation against Maduro Baghdadi was also eliminated
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US Delta Force: वेनेजुएला की राजधानी काराकास में हाल ही में अमेरिकी सेना द्वारा किए गए ऑपरेशन ने पूरे विश्व को हिला कर रख दिया है. इस कार्रवाई में अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को सीक्रेट तरीके से पकड़ लिया. ऑपरेशन इतना तेज और चुपचाप किया गया कि स्थानीय सुरक्षा बलों और नागरिकों को इसका अंदाजा लगाने का मौका भी नहीं मिला.

इस कार्रवाई के दौरान अमेरिकी फाइटर जेट्स ने वेनेजुएला के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर अचानक हमले किए. इस तरह का समन्वित ऑपरेशन डेल्टा फोर्स की क्षमता और गुप्त कार्यप्रणाली को उजागर करता है. यह वही यूनिट है, जिसने दुनिया के खतरनाक आतंकवादी संगठन ISIS के नेता अबू बक्र अल-बगदादी को मारने वाला ऑपरेशन अंजाम दिया था.

डेल्टा फोर्स: दुनिया की सबसे रहस्यमयी यूनिट

डेल्टा फोर्स को अमेरिका की सबसे गोपनीय और हाई-लेवल स्पेशल मिशन यूनिट माना जाता है. इसकी अधिकांश जानकारी सार्वजनिक नहीं होती. इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जैसे कॉम्बैट एप्लिकेशंस ग्रुप (CAG), टास्क फोर्स ग्रीन, आर्मी कंपार्टमेंटेड एलिमेंट्स (ACE) और सिर्फ “द यूनिट” भी कहा जाता है.

अमेरिकी सरकार ने इस यूनिट के अस्तित्व को कभी औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया, और जो भी जानकारी उपलब्ध है, वह पूर्व सदस्यों और सुरक्षा विशेषज्ञों के बयानों पर आधारित है. डेल्टा फोर्स की प्राथमिक भूमिका एंटी-टेररिज्म ऑपरेशंस में है, जिसमें हाई-वैल्यू टारगेट्स को पकड़ना या खत्म करना और आतंकी नेटवर्क को तोड़ना शामिल है.

मिशन और कार्यक्षेत्र

डेल्टा फोर्स केवल काउंटर-टेररिज्म तक सीमित नहीं है. इसे छापेमारी, बंधक मुक्ति, विशेष निगरानी, खुफिया अभियानों और विभिन्न खतरनाक मिशनों में तैनात किया जाता है. यह यूनिट जॉइंट स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (JSOC) के ऑपरेशनल कंट्रोल में काम करती है, जबकि प्रशासनिक नियंत्रण यूएस आर्मी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड (USASOC) के पास होता है. इसका मुख्यालय फोर्ट ब्रैग, नॉर्थ कैरोलिना में स्थित है.

डेल्टा फोर्स की संरचना भी अत्यंत संगठित है. इसमें लगभग 2,000 सैनिक हैं, जिनमें से 300-400 ऑपरेटर सीधे वॉर ऑपरेशंस में शामिल होते हैं. संगठन सात स्क्वॉड्रन में बंटा हुआ है, चार असॉल्ट स्क्वाड्रन, एक एविएशन स्क्वाड्रन, एक क्लैंडेस्टाइन स्क्वाड्रन और एक कॉम्बैट सपोर्ट स्क्वाड्रन. प्रत्येक स्क्वाड्रन में तीन ट्रूप्स होते हैं, जिनमें दो डायरेक्ट एक्शन मिशन करते हैं और तीसरा निगरानी और स्नाइपर ऑपरेशंस पर फोकस करता है.

डेल्टा फोर्स के ऐतिहासिक ऑपरेशन

डेल्टा फोर्स ने अपनी स्थापना से लेकर अब तक कई सफल और विवादास्पद मिशन अंजाम दिए हैं. अप्रैल 1980 में ईरान में बधक संकट को खत्म करने के लिए शुरू किया गया ऑपरेशन ईगल क्लॉ सबसे विवादित रहा. इस दौरान तकनीकी समस्याओं के कारण आठ हेलिकॉप्टरों में से चार ऑपरेशन के दौरान बेकार हो गए और आठ अमेरिकी सैनिक मारे गए. मिशन को बीच में ही रद्द करना पड़ा, और मृत सैनिकों के शव ईरानी क्रांतिकारियों के हाथ लगे. 

इस घटना के बाद अमेरिका ने विशेष अभियानों के लिए 160वीं स्पेशल ऑपरेशंस एविएशन रेजिमेंट बनाई. इसके बाद डेल्टा फोर्स ने कई सफल ऑपरेशन भी किए. 1989 में पनामा में ऑपरेशन एसिड गैम्बिट के दौरान कुख्यात मॉडलो जेल से बंधक कर्ट म्यूज़ को छुड़ाया गया. खाड़ी युद्ध में डेल्टा फोर्स ने इराकी सेना को चकमा देने के लिए नकली सैन्य गतिविधियां कीं और युद्ध के अंतिम दिन इज़राइल पर दागे जाने वाले 26 स्कड मिसाइलों को नष्ट किया.

9/11 के बाद डेल्टा फोर्स अफगानिस्तान और इराक में अल-कायदा और तालिबान के टॉप कमांडरों के खिलाफ ऑपरेशन चला रही है. 2012 में लीबिया के बेनगाज़ी हमले के दौरान अमेरिकी दूतावास को सुरक्षित निकालने में भी यह यूनिट सक्रिय रही.

अबू बक्र अल-बगदादी और ऑपरेशन कायला म्यूलर

अक्टूबर 2019 में डेल्टा फोर्स ने ऑपरेशन कायला म्यूलर को अंजाम दिया. इसका लक्ष्य था ISIS के सरगना अबू बक्र अल-बगदादी को पकड़ना. मिशन के दौरान बगदादी ने आत्मघाती जैकेट विस्फोट कर खुद को और अपने दो बच्चों को मार लिया. इस मिशन ने डेल्टा फोर्स की दक्षता और आतंकवाद के खिलाफ उसकी क्षमता को दुनिया के सामने फिर से साबित कर दिया.

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