F-35, अपाचे हेलीकॉप्टर, हेलफायर मिसाइल... वेनेजुएला में अमेरिका ने इन खतरनाक हथियारों से मचाई तबाही

Venezuela America Tension: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में हालात अचानक युद्ध जैसे हो गए हैं. अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे आदेश पर वेनेजुएला के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं.

F-35 Apache helicopter Hellfire missile America attacked Venezuela with these dangerous weapons
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Venezuela America Tension: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में हालात अचानक युद्ध जैसे हो गए हैं. अमेरिका ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे आदेश पर वेनेजुएला के खिलाफ बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं. राजधानी काराकास में आधी रात को जोरदार धमाकों की आवाजों से लोग दहशत में आ गए. इन हमलों में वेनेजुएला के सबसे अहम सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें फुएर्ते तिउना सैन्य अड्डा और ला कार्लोटा एयरबेस प्रमुख हैं.

हमलों के दौरान अमेरिका ने अत्याधुनिक फाइटर जेट, अटैक हेलीकॉप्टर और गाइडेड मिसाइलों का इस्तेमाल किया. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में रात के अंधेरे में उड़ते फाइटर जेट, हेलीकॉप्टर और जमीन से उठता धुआं साफ देखा जा सकता है. कई इलाकों में आग की लपटें दिखाई दीं और बिजली आपूर्ति बाधित होने की भी खबरें आईं.

बढ़ते तनाव का नतीजा बना सैन्य हमला

इन हमलों की पृष्ठभूमि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव से जुड़ी है. अमेरिका लगातार वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार पर ड्रग तस्करी और अवैध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगाता रहा है. इससे पहले भी अमेरिका कैरेबियन सागर और वेनेजुएला के आसपास सैन्य ऑपरेशन चला चुका है.

सीबीएस न्यूज और रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने काराकास के अलावा उत्तरी वेनेजुएला के कई इलाकों में एक साथ कार्रवाई की. चश्मदीदों ने बताया कि कम ऊंचाई पर हेलीकॉप्टर उड़ते दिखे और तेज रफ्तार जेट्स की आवाजें रातभर गूंजती रहीं. एपी न्यूज और द गार्जियन की रिपोर्ट में कहा गया है कि फुएर्ते तिउना सैन्य परिसर में आग लगने की पुष्टि हुई है, जिसके बाद वेनेजुएला सरकार ने आपातकाल जैसे कदम उठाए हैं.

F-35 लाइटनिंग II: अमेरिकी हवाई हमले की रीढ़

इन हमलों में अमेरिकी वायुसेना ने मुख्य रूप से F-35 लाइटनिंग II स्टेल्थ फाइटर जेट का इस्तेमाल किया. यह दुनिया के सबसे आधुनिक मल्टी-रोल फाइटर जेट्स में से एक है, जिसे दुश्मन के रडार से बचते हुए सटीक हमले करने के लिए डिजाइन किया गया है.

F-35A वेरिएंट का इस्तेमाल कर अमेरिकी वायुसेना ने वेनेजुएला के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देते हुए गाइडेड बम गिराए. यह जेट लगभग 1,976 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है और 50,000 फीट तक की ऊंचाई पर ऑपरेट करने में सक्षम है. इसकी एडवांस्ड एवियोनिक्स, AESA रडार और हेलमेट-माउंटेड डिस्प्ले पायलट को टारगेट की रियल-टाइम जानकारी देती है, जिससे सटीक बमबारी संभव होती है.

हमलों में F-35 के इंटरनल वेपन बे से JDAM और Paveway जैसे गाइडेड बम गिराए गए, जिससे सैन्य ठिकानों को गंभीर नुकसान पहुंचा.

AH-64 अपाचे: जमीन पर कहर बरपाने वाला अटैक हेलीकॉप्टर

हवाई हमले के दौरान अमेरिकी सेना ने बोइंग AH-64 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर का भी इस्तेमाल किया. ये हेलीकॉप्टर कम ऊंचाई पर उड़ते हुए ग्राउंड टारगेट पर बेहद सटीक हमला करने के लिए जाने जाते हैं. काराकास में कई लोगों ने अपाचे हेलीकॉप्टर को रात में मंडराते हुए देखा.

अपाचे हेलीकॉप्टर 30 एमएम की चेन गन और AGM-114 हेलफायर मिसाइलों से लैस होता है. इसकी खासियत यह है कि यह रात और खराब मौसम में भी ऑपरेशन कर सकता है. फुएर्ते तिउना और आसपास के इलाकों में नजदीकी हमलों के लिए इन हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया गया, जिससे सैन्य ठिकानों और बंकरों को नुकसान पहुंचा.

CH-47 चिनूक: सैनिक उतारने और सपोर्ट मिशन

हमले के दौरान काराकास के आसमान में बोइंग CH-47 चिनूक हेलीकॉप्टर भी देखे गए. ये भारी-भरकम हेलीकॉप्टर सैनिकों को उतारने, उपकरण पहुंचाने और स्पेशल ऑपरेशंस को सपोर्ट देने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं.

वीडियो फुटेज में चिनूक हेलीकॉप्टर कम ऊंचाई पर उड़ते नजर आए, जिससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज को जमीन पर उतारने या लॉजिस्टिक सपोर्ट देने के लिए इनका उपयोग हुआ. चिनूक की क्षमता 50 से ज्यादा सैनिकों या भारी सैन्य सामान को ले जाने की है, जो इसे ऐसे ऑपरेशंस में बेहद अहम बनाती है.

हेलफायर मिसाइल और गाइडेड बमों से सटीक वार

हमलों में इस्तेमाल किए गए हथियारों में AGM-114 हेलफायर मिसाइल प्रमुख रही, जिसे अपाचे हेलीकॉप्टर से दागा गया. यह मिसाइल टैंक, बंकर और इमारतों को नष्ट करने में सक्षम है और लेजर या रडार गाइडेंस से अपने लक्ष्य तक पहुंचती है.

इसके अलावा F-35 जेट्स से JDAM और GBU-12 Paveway II जैसे लेजर-गाइडेड बम गिराए गए. ये बम GPS और लेजर तकनीक की मदद से बेहद सटीक निशाना लगाते हैं, जिससे सीमित क्षेत्र में अधिकतम नुकसान पहुंचाया जा सकता है.

वेनेजुएला में हालात बेहद संवेदनशील

हमलों के बाद वेनेजुएला में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. राजधानी काराकास में कई इलाकों में बिजली गुल हो गई और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है. हालांकि वेनेजुएला सरकार की ओर से अभी तक नुकसान और हताहतों को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.

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