America China Trade War: अमेरिका और चीन के बीच पहले से ही नाजुक चल रही व्यापार वार्ता को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने और जटिल बना दिया है. शुक्रवार को ट्रंप ने एक बार फिर चीन पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि बीजिंग ने हालिया व्यापार समझौते के नियमों का उल्लंघन किया है. यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने भी यह स्वीकार किया कि चीन के साथ व्यापार वार्ता "काफी हद तक ठप" हो गई है.
90 दिन की राहत पर मंडराया संशय
गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में जिनेवा में दोनों देशों के शीर्ष अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद एक अस्थायी समझौता हुआ था, जिसके तहत टैरिफ में 90 दिनों के लिए कमी करने पर सहमति बनी थी. इस समझौते के तहत अमेरिका ने चीनी आयात पर टैरिफ 145% से घटाकर 30% कर दिया था, जबकि चीन ने अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क को 125% से घटाकर 10% किया. इस कदम को वैश्विक स्तर पर आपूर्ति श्रृंखला और बाजारों पर बने दबाव को कम करने की दिशा में एक अहम प्रयास माना गया था. लेकिन ट्रंप के ताजा आरोपों से यह सहयोगात्मक पहल अब खतरे में पड़ती नजर आ रही है.
रणनीति या सियासी संदेश?
ट्रंप ने हालांकि चीन के कथित उल्लंघन की कोई ठोस जानकारी नहीं दी, लेकिन उनके इस बयान ने राजनीतिक विश्लेषकों को फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है. कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रंप की “टैरिफ के जरिये दबाव बनाने की रणनीति” का हिस्सा हो सकता है. वहीं, कई जानकारों का कहना है कि ट्रंप इस तरह के बयानों से घरेलू मतदाताओं को यह संदेश देना चाहते हैं कि वह चीन के खिलाफ सख्त रुख बनाए हुए हैं.
बीजिंग की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस मुद्दे पर चीन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. हालांकि अतीत में बीजिंग स्पष्ट कर चुका है कि वह व्यापार युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपने हितों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम जरूर उठाएगा. ट्रेजरी सचिव बेसेंट ने सुझाव दिया कि यदि राष्ट्रपति ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच सीधी वार्ता होती है, तो वार्ता में एक नई दिशा आ सकती है. लेकिन जब तक यह संवाद नहीं होता, तब तक दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक तनावों से वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी रहेगी. बताया जा रहा है कि वर्ष 2024 में ही दोनों देशों के बीच व्यापार घाटा 295.4 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया था, जो इस टकराव की गंभीरता को दर्शाता है.
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