समुद्र में दिखी चीनी ताकत, अमेरिकी सेना को खदेड़ा; ट्रंप के खतरनाक जहाजों के साथ हुआ मुकाबला

दक्षिण चीन सागर के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्कारबारो शोल के पास चीन और अमेरिकी नौसैनिकों के बीच टकराव की खबर सामने आई है. चीन ने आरोप लगाया कि अमेरिका का विध्वंसक जहाज यूएसएस हिगिंस बिना अनुमति इस व्यस्त मार्ग में प्रवेश कर रहा था.

america and china war in scarborough chased the dangerous ship
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दक्षिण चीन सागर के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्कारबारो शोल के पास चीन और अमेरिकी नौसैनिकों के बीच टकराव की खबर सामने आई है. चीन ने आरोप लगाया कि अमेरिका का विध्वंसक जहाज यूएसएस हिगिंस बिना अनुमति इस व्यस्त मार्ग में प्रवेश कर रहा था. चीन का कहना है कि जहाज को चेतावनी देने के बाद भी इसे वापस नहीं लौटाया गया, जिसके बाद उसे खदेड़ने का प्रयास किया गया. चीन ने अमेरिका पर स्कारबारो शोल में घुसपैठ का भी आरोप लगाया.

दक्षिणी सैन्य कमांड के अनुसार, अमेरिका का यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और इससे चीन की संप्रभुता और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ. चीनी पक्ष का कहना है कि अमेरिका बार-बार इस क्षेत्र में ऐसे अभियानों के जरिए दक्षिण चीन सागर में अपने प्रभाव का विस्तार करने की कोशिश कर रहा है.

यह अभियान अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप था

वहीं अमेरिका का दावा है कि यूएसएस हिगिंस ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने के लिए संचालन किया. अमेरिकी नौसेना के 7वें बेड़े ने कहा कि यह अभियान अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप था और इसका उद्देश्य केवल समुद्र में वैध संचालन सुनिश्चित करना है. अमेरिका ने यह भी जोर दिया कि वह किसी भी हाल में क्षेत्र में अपने सहयोगियों और स्वतंत्र नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.

सैनिक तैनात कर फिलीपींस की पहुंच सीमित कर दी थी

स्कारबारो शोल का महत्व रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टिकोण से अत्यधिक है. यह द्वीप फिलीपींस के लूजोन द्वीप से लगभग 220 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है और दक्षिण चीन सागर के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक पर है. इस पर चीन, फिलीपींस और ताइवान तीनों का दावा है. 2012 में चीन ने इस क्षेत्र में अपने सैनिक तैनात कर फिलीपींस की पहुंच सीमित कर दी थी.

दक्षिण चीन सागर में अमेरिका लगातार सक्रिय है ताकि चीन के बढ़ते नियंत्रण को चुनौती दी जा सके. बुधवार को हुई इस भिड़ंत के बावजूद दोनों देशों से अब तक किसी हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि, क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है और दोनों पक्षों के बीच सतर्कता बनाए रखना जरूरी है.इस घटना के बाद दक्षिण चीन सागर में सामरिक संतुलन और अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए आने वाले दिनों में कूटनीतिक चर्चाओं की संभावना बनी हुई है.

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