भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील के बाद अमेरिका की तरफ से एक ऐसा कदम सामने आया है, जिस पर काफी चर्चा हो रही है. अमेरिका के ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस ने भारत का एक नक्शा शेयर किया है, जिसमें पूरे जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाया गया है. इस नक्शे में पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन भी भारत के हिस्से के तौर पर दिखाए गए हैं.
यह नक्शा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इससे पाकिस्तान में नाराजगी होना तय माना जा रहा है.
कश्मीर पर अमेरिका का रुख क्या रहा है?
अब तक अमेरिका का आधिकारिक रुख यही रहा है कि कश्मीर का मामला भारत और पाकिस्तान के बीच का मुद्दा है, जिसे दोनों देशों को आपसी बातचीत से सुलझाना चाहिए. सितंबर 2023 में भारत में अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने भी यही बात दोहराई थी.
पहले अमेरिका और कई पश्चिमी देश अपने नक्शों में PoK जैसे विवादित इलाकों को अलग रंग या टूटी हुई रेखाओं से दिखाते रहे हैं. लेकिन इस बार जो नक्शा शेयर किया गया है, उसमें पूरे जम्मू-कश्मीर को भारत का हिस्सा दिखाया गया है.
From tree nuts and dried distillers’ grains to red sorghum and fresh and processed fruit, the U.S.-India Agreement will provide new market access for American products. pic.twitter.com/mqpP10LJp1
— United States Trade Representative (@USTradeRep) February 6, 2026
यह साफ नहीं है कि यह कदम जानबूझकर उठाया गया या गलती से हुआ, लेकिन इसे भारत के पक्ष में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है.
ट्रंप के पुराने बयानों से अलग यह कदम
पिछले साल भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कश्मीर पर कुछ ऐसे बयान दिए थे, जो अमेरिका की पुरानी नीति से अलग थे.
उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर मध्यस्थता की बात कही थी, जिसे भारत ने साफ तौर पर खारिज कर दिया था. बाद में युद्धविराम के बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कश्मीर को लेकर समाधान खोजने की बात भी कही थी.
अब जो नक्शा शेयर हुआ है, वह इन बयानों से अलग दिशा दिखाता है. इस बार ट्रंप प्रशासन ने एक ऐसा नक्शा शेयर किया जो भारत की सीमाओं को पूरी तरह मान्यता देता है.
पाकिस्तान के लिए झटका
अमेरिका के ऑफिस की तरफ से जारी नक्शे को पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है.
पिछले कुछ समय से पाकिस्तान की सरकार और सेना के बड़े अधिकारी अमेरिका के साथ रिश्ते सुधारने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे में यह नक्शा उनके लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है.
कश्मीर पर भारत का साफ स्टैंड
भारत का रुख शुरू से साफ रहा है:
भारत की संसद ने 22 फरवरी 1994 को सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पास किया था, जिसमें कहा गया था कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग था, है और हमेशा रहेगा. इसी कारण हर साल 22 फरवरी को जम्मू-कश्मीर संकल्प दिवस के रूप में मनाया जाता है.
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