खामेनेई के अंत के बाद अलीरेजा अराफी बने ईरान के अंतरिम सुप्रीम लीडर, जानें कौन हैं ये शख्स

Ali Reza Arafi: ईरान में हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं. देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव शुरू हो गया है. तेहरान से आई ताजा जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ धर्मगुरु अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी को अंतरिम रूप से देश की सर्वोच्च जिम्मेदारी सौंपी गई है.

After the end of Khamenei Alireza Arafi became the interim Supreme Leader of Iran
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Ali Reza Arafi: ईरान में हालात तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं. देश के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत के बाद सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव शुरू हो गया है. तेहरान से आई ताजा जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ धर्मगुरु अयातुल्लाह अलीरेजा अराफी को अंतरिम रूप से देश की सर्वोच्च जिम्मेदारी सौंपी गई है. यह नियुक्ति संक्रमण काल के दौरान व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई है.

ईरान के संवैधानिक प्रावधानों के तहत अब एक अंतरिम नेतृत्व परिषद सुप्रीम लीडर की जिम्मेदारियां निभाएगी. इस परिषद में प्रमुख पदों पर बैठे नेता शामिल होते हैं, जिनमें राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, मुख्य न्यायाधीश घोलाम-होसैन मोहसिनी-एजेई और गार्जियन काउंसिल से जुड़ा एक वरिष्ठ धर्मगुरु शामिल रहता है.

अयातुल्लाह अराफी को इस परिषद में विधि विशेषज्ञ सदस्य के रूप में शामिल किया गया है. जब तक नए सुप्रीम लीडर का चयन नहीं हो जाता, तब तक यही परिषद देश की सर्वोच्च सत्ता का संचालन करेगी. यह प्रक्रिया ईरान के संविधान के तहत तय नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी.

तीन दशक से ज्यादा समय तक रहा खामेनेई का प्रभाव

86 वर्षीय अली खामेनेई ने 1989 से ईरान की सत्ता संभाली थी और लंबे समय तक देश की राजनीति, सुरक्षा और विदेश नीति पर उनका गहरा प्रभाव रहा. उनके नेतृत्व में ईरान ने कई अंतरराष्ट्रीय संकटों और प्रतिबंधों का सामना किया.

हाल ही में हुए अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान में खामेनेई की मौत हो गई. इस हमले में कई अहम सैन्य और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कार्रवाई में रक्षा प्रतिष्ठानों और शीर्ष सैन्य अधिकारियों से जुड़े स्थानों पर भी हमले हुए.

वैश्विक प्रतिक्रिया और बढ़ती अनिश्चितता

खामेनेई की मौत की घोषणा सबसे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से की गई. इस घटनाक्रम के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हलचल तेज हो गई है.

शुरुआत में ईरान ने इन खबरों को खारिज किया, लेकिन बाद में आधिकारिक पुष्टि कर दी गई. इसके साथ ही देश एक नई राजनीतिक परिस्थिति में प्रवेश कर चुका है, जहां उसे एक साथ आंतरिक नेतृत्व परिवर्तन और बाहरी दबावों से निपटना होगा.

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