8th Pay Commission: भारत सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन और भत्तों के संशोधन के लिए आठवें केंद्रीय वेतन आयोग (सीपीसी) की नियुक्ति कर दी है. इस आयोग के तहत कर्मचारियों और पेंशनर्स को नए वेतन फ्रेमवर्क के अनुसार लाभ मिलेंगे, लेकिन अभी इस नए फ्रेमवर्क को स्वीकृति और नोटिफाई होने में कुछ समय लगेगा. आइए जानते हैं कि आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के संदर्भ में हाल की घटनाओं और कर्मचारियों को मिलने वाली राहत के बारे में विस्तार से.
कब से लागू होगा?
आठवां केंद्रीय वेतन आयोग 1 जनवरी, 2026 से लागू हो गया है, लेकिन फिलहाल एक करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स पुराने सातवें पैनल के फ्रेमवर्क के तहत काम करते रहेंगे. सरकार ने अक्टूबर में आयोग के कार्यक्षेत्र (टीओआर) को मंजूरी दी थी और अब पैनल को अपनी सिफारिशें पेश करने में लगभग 18 महीने लग सकते हैं. इस दौरान वेतन और भत्तों में संशोधन की प्रक्रिया समय ले सकती है, जिससे कर्मचारियों को इसके परिणामों का इंतजार करना होगा.
मार्च में हो सकती है महंगाई भत्ते (डीए) की घोषणा
कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देने के लिए, मार्च 2026 में महंगाई भत्ते (डीए) में वृद्धि का अनुमान है. श्रम और रोजगार मंत्रालय ने दिसंबर महीने के लिए अखिल भारतीय औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू) को 148.2 पर अपरिवर्तित रखा है, जो महंगाई भत्ते की गणना का आधार है. इस साल के अंत तक, डीए में 5 फीसदी का इज़ाफा हो सकता है, जिससे यह 63 प्रतिशत तक पहुंच सकता है. इस घोषणा के बाद कर्मचारियों को अप्रैल 2026 के वेतन के साथ बढ़ा हुआ डीए मिल सकता है, जिससे जनवरी 2026 से बकाया राशि भी कवर हो जाएगी.
वेतन संशोधन पर चर्चा
कर्मचारी संगठनों की बैठक 25 फरवरी 2026 को दिल्ली में आयोजित होगी, जिसमें केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स के प्रमुख प्रतिनिधि एकत्र होंगे. इस बैठक में वेतन संशोधन, न्यूनतम वेतन, भत्ते और सेवा शर्तों पर विचार किया जाएगा. विशेष रूप से रेलवे, रक्षा, डाक, आयकर, और अन्य विभागों के प्रतिनिधि इस बैठक में भाग लेंगे, और एनसी-जेसीएम अपने प्रस्तावों को आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष प्रस्तुत करेगा.
आधिकारिक वेबसाइट हुई लॉन्च
सरकार ने हाल ही में आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की एक आधिकारिक वेबसाइट www.8cpc.gov.in लॉन्च की है. यह वेबसाइट आयोग के कार्यक्षेत्र, संरचना और अन्य जानकारी के लिए एक केंद्रीय स्रोत के रूप में कार्य करेगी. यहां मंत्रालयों, विभागों, कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए विभिन्न दस्तावेज़ और प्रतिक्रियाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. इसके माध्यम से सभी हितधारक आयोग की सिफारिशों के बारे में सुझाव और प्रतिक्रिया दे सकते हैं.
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
कर्मचारी संघों ने अपने विभिन्न मांग पत्र प्रधानमंत्री कार्यालय को सौंपे हैं. इनमें सबसे अहम मांग यह है कि आठवें केंद्रीय वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट 200 दिनों के भीतर पेश करनी चाहिए. इसके अलावा, संघ ने केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्र सरकार के नियमों को समान रूप से लागू करने की मांग की है, और राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए भी महंगाई भत्ते (डीए) को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के स्तर पर संशोधित करने की बात उठाई है.
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