PoK में 28 दिन से जारी आंदोलन तेज, रावलाकोट से कोटली तक सड़कों पर उतरे हजारों लोग, पाकिस्तान को अल्टीमेटम

PoK Protests: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सरकार और सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है. सोमवार (6 जुलाई 2026) को आंदोलन के 28वें दिन रावलाकोट, कोटली और बाग जैसे कई इलाकों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए.

28-day-long agitation PoK intensified thousands taking to the streets from Rawalakot to Kotli
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PoK Protests: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सरकार और सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन लगातार तेज होता जा रहा है. सोमवार (6 जुलाई 2026) को आंदोलन के 28वें दिन रावलाकोट, कोटली और बाग जैसे कई इलाकों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए.

रैलियों में गूंजे पुराने नारे और कविताएं

रावलाकोट बस अड्डे पर चल रहे धरने में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने भारतीय स्वतंत्रता सेनानी Ram Prasad Bismil की प्रसिद्ध कविता “सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है” गाकर विरोध जताया. इसके साथ ही कुछ पुराने आंदोलन के नारे भी लगाए गए, जो सरकार और सेना के खिलाफ बताए जा रहे हैं.

हजारों लोग धरने में शामिल

बताया जा रहा है कि रावलाकोट में चल रहे धरने में करीब 15 हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए. इनमें पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं. यह धरना 13 जून से लगातार जारी है और लोग ईदगाह मैदान में जमा होकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

फायरिंग के बाद बढ़ा तनाव

एक दिन पहले ददियाल इलाके में प्रदर्शन रोकने के दौरान सुरक्षा बलों की तरफ से फायरिंग की खबर सामने आई थी. इसमें एक व्यक्ति की मौत और 14 लोग घायल होने की बात कही गई. इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में विरोध और ज्यादा बढ़ गया और कई जगहों पर बड़ी रैलियां निकाली गईं.

इंटरनेट बंद और आंदोलन की स्थिति

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 5 जून से पूरे पीओके में इंटरनेट सेवाएं बंद हैं. लोगों का आरोप है कि सूचना और संपर्क पर रोक लगाई गई है. इसी बीच आंदोलनकारियों ने सरकार को 8 जुलाई तक अपनी मांगों पर कार्रवाई करने का अल्टीमेटम दिया है.

आंदोलनकारियों की बैठक और बयान

आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेता सरदार इम्तियाज आलम ने लोगों से 9 जुलाई की तैयारी करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में स्थिति और तेज हो सकती है. उन्होंने अपने भाषण में सुरक्षा बलों और स्थानीय प्रशासन पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि आंदोलन में महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हो रही हैं. फिलहाल पूरे पीओके में विरोध प्रदर्शन जारी है. लोग अपनी मांगों को लेकर सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं, जबकि इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है.

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