Shubhendu Adhikari Net Worth: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. लंबे समय तक ममता बनर्जी की राजनीति के मजबूत सहयोगी रहे शुभेंदु अधिकारी अब राज्य में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं. बीजेपी विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर सहमति बनने के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि जल्द ही वह बंगाल की सत्ता की कमान संभालेंगे. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उनके नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए उन्हें बंगाल में बीजेपी का बड़ा चेहरा बताया है.
राजनीतिक रूप से बेहद प्रभावशाली माने जाने वाले शुभेंदु अधिकारी अपनी सादगी और लो-प्रोफाइल जीवनशैली को लेकर भी चर्चा में रहते हैं. बंगाल की राजनीति के केंद्र में आने के बाद अब लोगों की दिलचस्पी उनकी निजी जिंदगी और संपत्ति को लेकर भी बढ़ गई है. विधानसभा चुनाव 2026 के दौरान चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामे में उनकी संपत्ति और आय से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं.
कुल संपत्ति करीब 86 लाख रुपये
हलफनामे के मुताबिक शुभेंदु अधिकारी की कुल घोषित संपत्ति लगभग 85 लाख 87 हजार रुपये है. इसमें चल संपत्ति और अचल संपत्ति दोनों शामिल हैं. दिलचस्प बात यह है कि इतने बड़े राजनीतिक कद के बावजूद उनकी घोषित संपत्ति कई बड़े नेताओं की तुलना में काफी कम मानी जा रही है. उनकी संपत्ति का बड़ा हिस्सा जमीन और रिहायशी संपत्तियों के रूप में दर्ज है, जबकि नकद और लग्जरी चीजों के मामले में उनका प्रोफाइल बेहद साधारण नजर आता है.
नकद सिर्फ 12 हजार रुपये
शुभेंदु अधिकारी के हलफनामे की सबसे ज्यादा चर्चा जिस बात को लेकर हो रही है, वह है उनके पास मौजूद नकद राशि. दस्तावेजों के अनुसार उनके पास कैश-इन-हैंड के रूप में केवल 12 हजार रुपये हैं. इसके अलावा उन्होंने अपने नाम पर किसी निजी कार या महंगी गाड़ी का जिक्र नहीं किया है.
यही नहीं, सोने के आभूषण या ज्वैलरी के कॉलम में भी कोई बड़ी संपत्ति दर्ज नहीं है. यानी उनके पास सोने के गहनों की भी कोई बड़ी घोषित होल्डिंग नहीं है. राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहने और बड़े जनाधार वाले नेता होने के बावजूद उनका यह साधारण आर्थिक प्रोफाइल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है.
14 बैंक खातों में जमा हैं लाखों रुपये
शुभेंदु अधिकारी की चल संपत्ति की कुल कीमत करीब 24 लाख 57 हजार रुपये बताई गई है. उनके पास अलग-अलग बैंकों में कुल 14 खाते हैं. इनमें पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एक्सिस बैंक और कुछ सहकारी बैंक शामिल हैं.
इन बैंक खातों में कुल जमा राशि करीब 7 लाख 34 हजार रुपये है. इसके अलावा उन्होंने कई बचत योजनाओं में भी निवेश किया हुआ है. हलफनामे के अनुसार शुभेंदु अधिकारी ने नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) में करीब 5 लाख 45 हजार रुपये का निवेश किया है. वहीं किसान विकास पत्र में लगभग 2 लाख 60 हजार रुपये जमा हैं.
6 एलआईसी पॉलिसी में निवेश
शुभेंदु अधिकारी ने भविष्य की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बीमा योजनाओं में भी निवेश किया हुआ है. उनके पास कुल 6 एलआईसी पॉलिसियां हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 7 लाख 71 हजार रुपये बताई गई है.
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा हो रही है कि शुभेंदु अधिकारी की आर्थिक रणनीति पारंपरिक बचत योजनाओं और सुरक्षित निवेश पर आधारित है, जबकि कई बड़े नेता शेयर बाजार या बड़े बिजनेस निवेशों में सक्रिय रहते हैं.
पूर्वी मेदिनीपुर में फैली हैं ज्यादातर संपत्तियां
शुभेंदु अधिकारी की अचल संपत्ति की कुल कीमत करीब 61 लाख 30 हजार रुपये आंकी गई है. उनकी ज्यादातर जमीन और संपत्तियां पूर्वी मेदिनीपुर जिले में मौजूद हैं. यह इलाका लंबे समय से अधिकारी परिवार का राजनीतिक गढ़ माना जाता है.
नंदीग्राम में उनके नाम पर करीब 9 लाख रुपये की कृषि भूमि दर्ज है. इसके अलावा पंचदरिया और धर्मदासबर इलाके में गैर-कृषि भूमि भी है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 27.5 लाख रुपये बताई गई है. उनके पास तामलुक और कुमारपुर में फ्लैट्स भी हैं. वहीं करकुली में स्थित एक पुश्तैनी मकान में उनका हिस्सा है. इन सभी रिहायशी संपत्तियों की कुल कीमत लगभग 24 लाख 75 हजार रुपये बताई गई है.
विधायक की सैलरी और पेंशन से होती है कमाई
हलफनामे के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में शुभेंदु अधिकारी की कुल आय 17 लाख 38 हजार रुपये से ज्यादा रही. उनकी आमदनी का मुख्य स्रोत विधायक के रूप में मिलने वाला वेतन, सांसद पेंशन और व्यवसाय से होने वाली आय है.
सबसे अहम बात यह है कि उनके ऊपर किसी तरह का कर्ज या देनदारी दर्ज नहीं है. यानी उन्होंने अपनी संपत्ति के मुकाबले कोई बड़ा लोन या वित्तीय भार नहीं लिया हुआ है.
ममता बनर्जी को हराकर बने बड़े नेता
शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में सबसे बड़ी पहचान तब बनाई जब उन्होंने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को कड़ी टक्कर दी. इसके बाद बंगाल की राजनीति में उनका कद लगातार बढ़ता गया. अब बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद उन्हें राज्य की कमान सौंपे जाने की तैयारी है.
पार्टी मानती है कि शुभेंदु अधिकारी न केवल बंगाल में बीजेपी को मजबूत कर सकते हैं, बल्कि पूर्वी भारत में भी पार्टी के विस्तार में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. राजनीतिक संघर्ष, मजबूत संगठन क्षमता और सादगी भरी छवि के चलते शुभेंदु अधिकारी आज बंगाल की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जा रहे हैं.
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