Arshdeep Singh Vlogging: आईपीएल 2026 में सुरक्षा, अनुशासन और खिलाड़ियों की निजी गतिविधियों को लेकर बीसीसीआई अब पूरी तरह सख्त मोड में नजर आ रहा है. हाल ही में बोर्ड की ओर से जारी की गई नई एडवाइजरी और चेतावनी के बाद कई फ्रेंचाइजियों ने अपने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ पर कड़े नियम लागू करने शुरू कर दिए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाब किंग्स और दिल्ली कैपिटल्स जैसी टीमों ने सोशल मीडिया गतिविधियों, होटल मूवमेंट और निजी वीडियो पोस्टिंग को लेकर नई पाबंदियां लगाई हैं.
माना जा रहा है कि बीसीसीआई की एंटी-करप्शन यूनिट से मिले इनपुट्स के बाद यह सख्ती और बढ़ाई गई है. बोर्ड को आशंका है कि सोशल मीडिया कंटेंट, अनधिकृत लोगों की एंट्री और खिलाड़ियों की निजी गतिविधियां भविष्य में सुरक्षा और गोपनीयता के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं.
अर्शदीप सिंह की व्लॉगिंग पर लगी रोक
रिपोर्ट्स के अनुसार, पंजाब किंग्स ने तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह को कुछ समय के लिए व्लॉगिंग और टीम के अंदरूनी वीडियो बनाने से रोक दिया है. अर्शदीप अक्सर मैच के बाद खिलाड़ियों के साथ मजाक-मस्ती, होटल के अंदर के दृश्य, एयरपोर्ट ट्रैवल और फ्लाइट जर्नी के वीडियो रिकॉर्ड करते नजर आते रहे हैं. उनके वीडियो सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय भी रहते हैं क्योंकि उनमें टीम के खिलाड़ियों की अनौपचारिक झलक देखने को मिलती है. हालांकि हाल ही में उनके एक वीडियो ने विवाद खड़ा कर दिया था.
बताया जा रहा है कि अर्शदीप द्वारा रिकॉर्ड किए गए एक वीडियो में पंजाब किंग्स के खिलाड़ी युजवेंद्र चहल वेपिंग करते दिखाई दिए थे. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बड़ा विवाद शुरू हो गया और आईपीएल के अंदर खिलाड़ियों के व्यवहार को लेकर सवाल उठने लगे. इसी के बाद टीम मैनेजमेंट ने खिलाड़ियों को सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर ज्यादा सावधानी बरतने की सलाह दी है.
दिल्ली कैपिटल्स ने भी बढ़ाई सख्ती
सिर्फ पंजाब किंग्स ही नहीं, बल्कि दिल्ली कैपिटल्स ने भी अपने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के परिवारों को लेकर सख्त कदम उठाए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीम ने खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के परिजनों को होटल, ड्रेसिंग रूम या टीम से जुड़ी गतिविधियों के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से रोक दिया है.
फ्रेंचाइजी का मानना है कि टीम के अंदर की जानकारी, रणनीति और खिलाड़ियों की निजी गतिविधियां अनजाने में सार्वजनिक हो सकती हैं, जिससे सुरक्षा और गोपनीयता दोनों प्रभावित हो सकती हैं.
हनी-ट्रैप के खतरे को लेकर अलर्ट
बीसीसीआई ने हाल ही में सभी आईपीएल टीमों को एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें खिलाड़ियों को हनी-ट्रैप, डेटा लीक और संदिग्ध संपर्कों से सतर्क रहने की चेतावनी दी गई थी. बोर्ड ने साफ निर्देश दिया है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ या टीम अधिकारियों के होटल कमरों में जाने की अनुमति नहीं होगी. किसी भी बाहरी व्यक्ति से मुलाकात केवल होटल की लॉबी या सार्वजनिक क्षेत्र में ही की जा सकेगी.
बीसीसीआई को आशंका है कि हाई-प्रोफाइल खिलाड़ियों को निशाना बनाकर संवेदनशील जानकारी हासिल करने या उन्हें विवादों में फंसाने की कोशिश की जा सकती है. इसी बीच एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि एक खिलाड़ी की गर्लफ्रेंड ने टीम की अंदरूनी जानकारी दो बार लीक की थी. हालांकि इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
टीम मालिकों को भी चेतावनी
बीसीसीआई ने सिर्फ खिलाड़ियों और स्टाफ तक ही सख्ती सीमित नहीं रखी, बल्कि टीम मालिकों और उनके प्रतिनिधियों को भी स्पष्ट चेतावनी दी है. बोर्ड के मुताबिक, कुछ मामलों में फ्रेंचाइजी मालिक मैच के दौरान खिलाड़ियों से बातचीत करने, डगआउट में जाने या मैदान पर खिलाड़ियों के पास पहुंचने की कोशिश करते पाए गए. इसे मैच प्रोटोकॉल और प्रोफेशनल माहौल के खिलाफ माना गया है.
बीसीसीआई ने अपने निर्देश में कहा कि आईपीएल फ्रेंचाइजी के मालिकों और उनके प्रतिनिधियों को मैच के दौरान डगआउट, ड्रेसिंग रूम या मैदान में खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों से सीधे संपर्क करने की अनुमति नहीं होगी. बोर्ड ने साफ किया है कि सभी टीम मालिकों को तय प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा और नियम तोड़ने पर कार्रवाई की जाएगी.
राजस्थान रॉयल्स के मामले के बाद बढ़ी सख्ती
इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स से जुड़े दो मामलों ने भी बीसीसीआई की चिंता बढ़ा दी थी. पहले मामले में टीम मैनेजर रोमी भिंडर डगआउट में बैठकर फोन इस्तेमाल करते नजर आए थे, जिस पर बोर्ड ने आपत्ति जताई थी.
इसके बाद राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग का ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते वीडियो वायरल हुआ था. इन घटनाओं के बाद बीसीसीआई ने फ्रेंचाइजियों को स्पष्ट संकेत दे दिया कि अब अनुशासन और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को हल्के में नहीं लिया जाएगा.
खिलाड़ियों की मूवमेंट पर भी नजर
नई गाइडलाइन के तहत खिलाड़ियों के होटल से बाहर जाने पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है. अब खिलाड़ियों को बिना सुरक्षा अधिकारियों को जानकारी दिए होटल छोड़ने की अनुमति नहीं होगी.
टीम सिक्योरिटी ऑफिसर्स खिलाड़ियों की मूवमेंट का रिकॉर्ड रखेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी खिलाड़ी अनधिकृत लोगों के संपर्क में न आए. इसके अलावा खिलाड़ियों के लिए आईडी कार्ड हर समय पहनना भी अनिवार्य कर दिया गया है.
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