हिसार, न्यूज डेस्क: टीबी मुक्त भारत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 2025 का लक्ष्य रखा है. इस अभियान को पूरा करने के लिए हरियाणा की मनोहर लाल सरकार (Manohar Lal) कड़े कदम उड़ा रही है. टीबी मुक्त के लिए हिसार जिले में कई अभियान चलाए गए. वहीं अब टीबी की बीमारी के खिलाफ लोगों में जागरूकता को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग 85 प्रतिशत सक्सेस रेट वाले गांवों को टीबी फ्री ग्राम पंचायत (TB Free Gram Panchayat) घोषित करने जा रहा है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने कुछ मानक तैयार किए हैं. जो गांव इन मानकों पर खरा उतरेगा उसे ही टीबी फ्री ग्राम पंचायत घोषित किया जाएगा.
ग्राम पंचायतों को सम्मानित भी किया जाएगा
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से ऐसे गांव की जानकारी मांगी है. जहां कुल टीबी रोगियों में से स्वस्थ होने वाले 85 प्रतिशत लोग. साथ ही उन गांवों की भी जानकारी मांगी जहां एक साल में एख हजार लोगों में एक ही टीबी का मरीज मिला हो. इन मानकों जो भी गांव पूरा करेंगा उसे टीबी फ्री ग्राम पंचायत घोषित तो किया ही जाएगा. साथ ही इनकी ग्राम पंचायतों को सम्मानित भी किया जाएगा. स्वास्थ्य विभाग इन गांवों की रिपोर्ट को तैयार कर रहा है और जल्द ही इसे जिला प्रशासन को सौंप दिया जाएगा. जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि साल 2024 में कम से कम 30 गांव को टीबी फ्री घोषित करने का लक्ष्य रखा है.
क्या है स्वास्थ्य विभाग के मानक?
- गांव जहां एक हजार लोगों पर टीबी के 30 टेस्ट जरूर किए गए हो.
- जहां एक साल में एक हजार लोगों पर एक टीबी मरीज मिला हो.
- वह गांव जहां 85 प्रतिशत टीबी मरीज इलाज कराकर ठीक हो गए.
- वह गांव जहां डीबीटी स्कीम के तहत टीबी मरीजों को पहली किश्त के रूप में एक हजार रुपये मिले हो.
- टीबी का इलाज कराने वाले लोगों को पोषण आहार किट उपलब्ध करवाई गई हो.