अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चीन अब सबसे बड़ा और मजबूत सैन्य खतरा बन चुका है. यह बात हाल ही में एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में सामने आई. रिपोर्ट के मुताबिक, चीन लगातार अमेरिका की सरकार, निजी कंपनियों और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर साइबर हमले कर रहा है, जिससे सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है. इसके अलावा, चीन के पास परमाणु हथियार और अत्याधुनिक मिसाइल सिस्टम भी हैं, जो बड़े पैमाने पर तबाही मचाने की क्षमता रखते हैं.
चीन की सैन्य ताकत में बढ़ोतरी
अमेरिका की खुफिया एजेंसियों की वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन अपनी सैन्य ताकत को आधुनिक बनाने पर जोर दे रहा है. रिपोर्ट के अनुसार, चीन का मुख्य उद्देश्य प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों के खिलाफ सैन्य अभियानों में हस्तक्षेप करने की क्षमता विकसित करना है. चीन 2049 तक "चीनी राष्ट्र का महान कायाकल्प" करने का लक्ष्य लेकर चल रहा है और इसके लिए वह अपनी सैन्य ताकत को बढ़ा रहा है.
रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि चीन ने बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों की एक पूरी श्रृंखला विकसित की है, जिनमें परमाणु हथियारों से लैस पनडुब्बियां भी शामिल हैं. इन मिसाइलों का उपयोग चीन कहीं से भी, खासकर समुद्र और आकाश के रास्ते, अपने दुश्मनों पर हमला करने के लिए कर सकता है.
साइबर हमलों का खतरा
इसके अलावा, खुफिया रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि चीन अपनी शक्ति को बढ़ाने के लिए बहुत ही जटिल और व्यापक साइबर हमलों का सहारा ले रहा है. यदि चीन को लगता है कि अमेरिका के साथ कोई बड़ा सैन्य संघर्ष हो सकता है, तो वह अमेरिकी बुनियादी ढांचे और सैन्य संपत्तियों पर साइबर हमले कर सकता है. यह हमला अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को रोकने और अमेरिकी सेना को कमजोर करने के उद्देश्य से किया जाएगा.
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