अयोध्या, भारत 24 डिजिटल डेस्क: इस समय पूरी दुनिया की नजर अयोध्या पर ही टिकी हुई है. 22 जनवरी 2024 का दिन इतिहास में दर्ज होने जा रहा है. इस दिन अयोध्या राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) में भगवान राम की प्रतीमा की प्राण प्रतिष्ठा होने वाली है. इससे पहले विधिवत पूजन अर्चन करने की तैयारी जोर शोर से चल रही है. रामलला के विग्रह की जीवन कारक द्रव्यों के अलावा शैय्या अधिवास की विशेष योजना है. इस प्रक्रिया में रामलला को शीशम के पलंग (Rosewood Bed) पर शयन कराया जाएगा.
कब होगा शैय्या अधिवास?
इस शैय्या अधिवास के दौरान भगवान के ह्दय को स्पर्श कर न्यास वाचन कर पूजन प्रक्रिया कराई जाती है. बाद में उन्हें अगले दिन सुबह विधिवत जागरण कराने के बाद सिंहासन पर प्रतिष्ठित किया जाता है. इस के बाद गोघृत व शहद मिश्रण से युक्त स्वर्ण शलाका से भगवान के नेत्र उन्मीलित किए जाएंगे. भगवान को दर्पण दिखाया जाएगा और तंत्र, मंत्र व यंत्र तीन विधाओं से भगवान की अर्चना की जाएगी. बता दें रामलला के लिए इस पलंग को ट्रस्ट ने अयोध्या में ही निर्मित कराया है. इसके अलावा भगवान के लिए वस्त्र के अलावा गद्दा, रजाई, चादर व तकिया भी खरीदे गए हैं. ये शैय्या अधिवास प्राण प्रतिष्ठा से एक दिन पहले 21 जनवरी को रात्रि में किया जाएगा.
रामलला के आसान के नीचे क्या रखा जाएगा?
अयोध्या के आचार्यों के अनुसार रामलला के आसन के नीचे श्रीराम यंत्र की प्रतिष्ठा की जाएगी. जिस तरह भूमि पूजन में पांच शिलाओं के साथ अलग-अलग द्रव्य रखे जाते हैं उसी तरह रामलला के आसन के नीचे भी 45 द्रव्य रखे जाएंगे. इसमें नौ रत्नों में हीरा, पन्ना, मोती माणिक्य, पुखराज व लहसुनिया, मूंगा, नीलम, गोमेद के अलावा पारा, सप्त धान्य व विविधि औषधियां हैं. फिर इसका पूजन किया जाएगा. बता दें कि भगवान राम की प्रतीमा की प्राण प्रतिष्ठा के लिए पूरे देशभर से लोग कुछ ना कुछ तैयारियों में जुटे हुए हैं. कोई वस्त्र भेंट कर रहा है, कोई भंडारे के लिए मसाले तो कोई पैदल चल चरण पादुकाएं भेंट करने अयोध्या के लिए निकल पड़ा है.