नई दिल्ली: भारतीय नौसेना की ताकत और भी बढ़ने वाली है! गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) ने प्रोजेक्ट 1135.6 के तहत दूसरा स्वदेशी फ्रिगेट 'तवास्य' लॉन्च कर दिया है. यह कदम भारत को समुद्री सुरक्षा में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है.
'तवास्य' – महाभारत के भीम की गदा से प्रेरित नाम
इस फ्रिगेट का नाम महाभारत के महाबली भीम की गदा से लिया गया है, जो इसकी शक्ति और आक्रामक क्षमता को दर्शाता है. यह समुद्र, हवा और पानी के अंदर भी दुश्मनों का मुकाबला करने में पूरी तरह सक्षम है. इससे पहले 24 जुलाई 2023 को पहला फ्रिगेट 'त्रिपुत' लॉन्च किया गया था.
तवास्य की दमदार खासियतें
लंबाई: लगभग 125 मीटर
वजन: करीब 3,600 टन
गति: 28 नॉटिकल मील प्रति घंटे
तकनीक: उन्नत स्टेल्थ तकनीक, जिससे यह दुश्मनों की नज़रों से बच सकता है.
आधुनिक हथियार: भारत में बने एडवांस मिसाइल, तोप और सेंसर सिस्टम से लैस.
आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा
'तवास्य' और 'त्रिपुत' का निर्माण भारत में ही किया गया है, जिससे रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा और नई नौकरियां भी पैदा होंगी. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 'तवास्य' भारतीय नौसेना की बढ़ती ताकत और देश की रक्षा क्षमताओं का एक नया प्रतीक है.
भारत की समुद्री सुरक्षा होगी और मजबूत
2019 में रक्षा मंत्रालय और GSL के बीच दो फ्रिगेट के निर्माण का करार हुआ था. अब जब 'तवास्य' लॉन्च हो चुका है, भारतीय नौसेना की शक्ति को और बढ़ावा मिलेगा. इन आधुनिक युद्धपोतों की मदद से भारत की समुद्री सीमाएं पहले से ज्यादा सुरक्षित और सशक्त होंगी.
'तवास्य' के साथ भारतीय नौसेना एक नए दौर में प्रवेश कर रही है, जहां आत्मनिर्भरता और अत्याधुनिक तकनीक हमारी सुरक्षा को और मजबूत बनाएगी!
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