मुंबई (महाराष्ट्र) : पार्टी से निकाले जाने के एक दिन बाद, पूर्व कांग्रेस नेता संजय निरुपम, जिन्होंने दावा किया कि उन्होंने पहले ही पार्टी अध्यक्ष को अपना इस्तीफा पत्र सौंप दिया था. उन्होंने पूर्व पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी के शक्ति के पांच केंद्र हैं.
निरुपम ने कहा, "कांग्रेस पार्टी पूरी तरह से बिखरी हुई है. पार्टी के नेताओं ने पहले कहा था कि इसकी विचारधारा दिशाहीन है लेकिन अब वे संगठन के मामले में भी बिखरे हुए हैं."
कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे के बारे में बताते हुए निरुपम ने कहा, ''पहले कांग्रेस के अंदर सत्ता का एक केंद्र होता था और एक मंडली होती थी और बाकी सभी नेता उनके खिलाफ लड़ते थे. वर्तमान में, आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि कांग्रेस पार्टी पांच शक्ति केंद्र हैं."
यह भी पढे़ं : हेमा मालिनी पर विवाद- जानें कांग्रेस ने नहीं दिया है किसी बड़े फिल्मी सितारे को टिकट, BJP में हैं कई नाम
संजय निरुपम बोले- पांचों के की अलग-अलग लॉबी, आपस में लड़ते हैं
सत्ता के एक-एक केंद्र का खुलासा करते हुए निरुपम ने कहा कि इन पांचों का अपना अलग-अलग कॉकस और लॉबी है, जो आपस में लड़ते हैं.
पांच अलग-अलग शक्ति केंद्रों के अपने अलग-अलग कॉकस, अपनी लॉबी हैं जो एक-दूसरे से टकराती हैं. इसके बीच में मेरे जैसे लाखों कर्मचारी खुद को फंसा हुआ पाते हैं. इन पांच केंद्रों में पहले हैं सोनिया गांधी, दूसरे हैं राहुल गांधी, तीसरे हैं उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा, चौथे हैं अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे. उनके आस-पास वे लोग हैं जिनकी कोई राजनीतिक विचारधारा नहीं है और वे खरगे के साथ गठजोड़ करके अचानक हाईकमान बन गए हैं. आखिरी शक्ति केंद्र कांग्रेस महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल हैं.”
उन्होंने कहा, "जो मेधावी थे, उनकी स्थिति खराब है और उनकी हालत खराब हो रही है. मैं कुछ वर्षों से यह देख रहा था लेकिन फिर मैंने अपना धैर्य खो दिया."
पूर्व राज्यसभा सांसद ने अपनी पूर्व पार्टी पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्होंने आखिरकार A-4 साइज का कागज बर्बाद कर दिया.
निरुपम ने कहा- कल रात 10:40 पर खरगे को इस्तीफा भेजा था
निरुपम ने गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "कल रात करीब 10:40 बजे मैंने मल्लिकार्जुन खरगे को अपना इस्तीफा भेजा था. मुझे लगता है कि इसके तुरंत बाद वे इस्तीफा पत्र में मेरी जाहिर की गई बातों से भड़क गए. उन्होंने सोचा होगा कि अगर उन्होंने प्रतिक्रिया नहीं दी तो यह बहुत ज्यादा होगा और फिर उन्होंने ऐसा निर्णय लिया (उन्हें पार्टी से बाहर निकालने का). इसलिए, उन्होंने (कांग्रेस ने) आखिरकार ए-4 साइज पेपर बर्बाद कर दिया.''
यह बताते हुए कि किस कारण से उन्हें अपना इस्तीफा देना पड़ा, पूर्व कांग्रेस नेता ने कहा, "जब मुझे पता चला कि वे कार्रवाई करने के मूड में हैं तो मैंने उनसे कहा कि वे अपनी स्टेशनरी बर्बाद न करें और मैं आज एक घोषणा करूंगा."
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बुधवार रात एक बयान में कहा, वरिष्ठ नेता को "अनुशासनहीनता" और "पार्टी विरोधी बयानों" के लिए कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया है.
निरुपम को 6 साल के लिए पार्टी से निकाला गया
वेणुगोपाल ने कहा, "अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी बयानों की शिकायतों पर ध्यान देते हुए माननीय कांग्रेस अध्यक्ष ने संजय निरुपम को तत्काल प्रभाव से छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित करने की मंजूरी दे दी है."
इससे पहले दिन में निरुपम को लोकसभा आम चुनाव 2024 में कांग्रेस पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची से हटा दिया गया था.
लोकसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे की बातचीत के बीच इंडिया ब्लॉक के पार्टनर, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के खिलाफ उनकी हालिया टिप्पणी के लिए यह कार्रवाई की गई.
शिवसेना (यूबीटी) ने घोषणा की कि उसका उम्मीदवार अमोल कीर्तिकर मुंबई उत्तर पश्चिम से चुनाव लड़ेगा, जिस सीट से संजय निरुपम चुनाव लड़ने के इच्छुक थे.
यह भी पढे़ं : राजपाल यादव स्टारर फिल्म 'काम चालू है' 19 अप्रैल को होगी रिलीज, एक पिता की सच्ची जिंदगी पर आधारित