पंचायत से राष्ट्रपति तक का चुनाव लड़ा- कभी टॉकीज में अनाउंसर रहे वैद्यराज की जनता नहीं सुन रही आवाज़

वैद्यराज किशन ने 1974 में देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के एक भाषण से प्रभावित होकर राजनीति में कदम रखा था, और उन्होंने 19 बार अलग-अलग चुनाव लड़े हैं. वैद्यराज किशन को शाहजहांपुर का धरती पकड़ कहा जाता है.

पंचायत से राष्ट्रपति तक का चुनाव लड़ा- कभी टॉकीज में एनाउंसर रहे वैद्यराज की जनता नहीं सुन रही आवाज़
vaidyaraj kishan | internet

नई दिल्ली : कभी टॉकीज में अनाउंसर (उद्घोषक) रहकर सिर्फ 10 पैसे कमाने वाले वैद्यराज किशन की आवाज़ शाहजहांपुर की जनता नहीं सुन रही है. वह लोगों के बीच जा रहे हैं, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिल रही है. उन्होंने पंचायत से लेकर राष्ट्रपति तक चुनाव लड़ा, लेकिन अभी तक कोई चुनाव नहीं जीत पाए हैं. अब तक लड़े सभी 19 चुनाव में उनकी जमानत जब्त हुई है, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी है. लोकसभा चुनाव 2024 में भी ताल ठोक कर मैदान में उतरे हैं.

हालांकि उनका राष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन खारिज कर दिया गया था, जिससे वह चुनाव नहीं लड़ पाए थे.

अटल जी ने थपथपाई थी पीठ, उनसे प्रभावित होकर राजनीति में उतरे 

वैद्यराज किशन ने शहर के एक कॉलेज से 1975-76 में 12वीं की पढ़ाई पूरी की और साथ में ही टॉकीज में एनाउंसर का काम भी करते थे, जहां उन्हें 10 पैसा रोजाना मिलता था. इसी दौरान अटल जी का शहजहांपुर में आना हुआ और वही किशन जी भी उनका भाषण सुनने गए थे. वहीं पर अटल जी ने वैद्यराज किशन की पीठ थपथपाई और उन्हें आशीर्वाद दिया था. 

वैद्यराज किशन ने 1974 में देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के एक भाषण से प्रभावित होकर राजनीति में कदम रखा था, और उन्होंने 19 बार अलग-अलग चुनाव लड़े हैं. वैद्यराज किशन को शाहजहांपुर का धरती पकड़ कहा जा सकता है.

शाहजहांपुर में वैद्यराज किशन नाम के एक व्यक्ति ने वार्ड मेंबर से लेकर राष्ट्रपति चुनाव तक दावेदारी की है. आपको बता दें की नए नियमों के कारण उनका राष्ट्रपति चुनाव में नामांकन खारिज कर दिया गया था. वैद्यराज किशन 19 बार अलग-अलग चुनाव लड़ चुके हैं. उन्होंने 1974 में अटल बिहारी वाजपेयी के भाषण से प्रभावित होकर राजनीति में कदम रखा था. आपको बतां दें कि वैद्यराज हर चुनाव में अनोखे ढंग से नामांकन करते हैं. इनकी खास बात ये है की वे इस बार लोकसभा चुनाव के लिए जीत का दावा भी कर रहे हैं.

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वैद्यराज को शाहजहांपुर का धरती पकड़ भी कहा जाता हैं. शहजहांपुर के धरती पकड़ आज तक कोई चुनाव नहीं जीतें लेकिन उन्होंने कभी हार भी नहीं मानी. धरती पकड़ अपनी हार पर बात करते हुए कहते हैं कि मैं लोकतंत्र में आदमी की अहमियत को साबित करना और बताना चाहता हूं.

क्या है वैद्यराज किशन का सपना?

वैद्यराज किशन शाहजहांपुर के हुंडाल खेल मोहल्ले के रहने वाले हैं उनकी उम्र लगभग 63 साल है. वैसे तो किशन देसी जड़ी बूटियों से दवा बनाकर लोगों की सेवा करते हैं, लेकिन वह राजनीति में आकर लोगों की सेवा करना चाहते हैं. वैद्यराज किशन को बचपन से ही राजनीति में आने का बहुत ज्यादा शौक था. आपको बता दें किशन प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को आदर्श मानते हैं. किशन 19 चुनाव लड़ने के बाद एक बार फिर लोकसभा चुनाव को लड़ने की तैयारी कर रहे हैं.

2019 में वैद्यराज किशन को मिले थे इतने वोट

आपको बता दें कि शाहजहांपुर के रहने वाले वैद्यराज किशन वार्ड मेम्बर से लेकर राष्ट्रपति चुनाव तक दावेदारी कर चुके हैं. साल 2009 में उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा था जिसमें उन्हें 8000 से ज़्यादा वोट मिले थे. साल 2014 में लगभग 5000 वोट मिले थे और 2019 में भी उन्होंने लोकसभा चुनाव लड़ा था जिसमें उन्हें 6000 वोट मिले. 

वैद्यराज किशन ने दो बार यूपी के वित्त मंत्री के खिलाफ लड़ा चुनाव

इसके अतिरिक्त, वैद्यराज किशन ने एक बार एमएलसी के चुनाव भी लड़े हैं. उन्होंने तीन बार नगर पालिका अध्यक्ष और 2017 और 2022 में विधानसभा चुनाव में यूपी के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना के खिलाफ भी चुनाव लड़े हैं. वहीं इस बार वैद्यराज किशन लोकसभा चुनाव में भी भाग ले रहे हैं.

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