
आज ज्यादातर नई बाइक्स में सेल्फ स्टार्ट फीचर दिया जाता है. इससे किक मारने की जरूरत नहीं पड़ती और बाइक आसानी से स्टार्ट हो जाती है. भारी ट्रैफिक, बार-बार रुकने या रोजाना ऑफिस आने-जाने वालों के लिए यह फीचर काफी सुविधाजनक साबित होता है. हालांकि, इसकी बेहतर परफॉर्मेंस के लिए बैटरी का सही तरीके से मेंटेन रहना भी जरूरी है. अगर बैटरी कमजोर हो जाए तो सेल्फ स्टार्ट ठीक से काम नहीं करेगा.

ABS अचानक ब्रेक लगाने पर पहियों को लॉक होने से रोकता है. इससे बाइक का संतुलन बना रहता है और फिसलने का खतरा काफी कम हो जाता है. बारिश, गीली सड़क या कंकड़ वाली जगहों पर यह फीचर ज्यादा असरदार साबित होता है. अगर आप अक्सर हाईवे या लंबी दूरी की यात्रा करते हैं, तो ABS वाली बाइक चुनना सुरक्षा के लिहाज से बेहतर फैसला हो सकता है.

आज कई प्रीमियम बाइक्स में Rain, Road, Eco, City और Sport जैसे राइड मोड्स मिलते हैं. ये इंजन की पावर, थ्रॉटल रिस्पॉन्स और ट्रैक्शन को अलग-अलग परिस्थितियों के हिसाब से एडजस्ट करते हैं. इससे बारिश में बेहतर कंट्रोल, शहर में बेहतर माइलेज और हाईवे पर दमदार परफॉर्मेंस मिलती है. अगर आप अलग-अलग तरह के रास्तों पर बाइक चलाते हैं, तो यह फीचर काफी उपयोगी है.

ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम तेज एक्सेलरेशन के दौरान पिछले पहिए को जरूरत से ज्यादा घूमने या फिसलने से रोकता है. इससे बाइक की ग्रिप बनी रहती है और राइडर का कंट्रोल बेहतर होता है. बारिश, कीचड़ या ढीली मिट्टी वाली सड़कों पर यह फीचर खास तौर पर मददगार साबित होता है. नए और अनुभवी, दोनों तरह के राइडर्स के लिए यह अतिरिक्त सुरक्षा देता है.

क्रूज़ कंट्रोल की मदद से हाईवे पर एक तय स्पीड पर बाइक लगातार चलती रहती है. इससे बार-बार एक्सेलरेटर पकड़ने की जरूरत कम हो जाती है और लंबे सफर में हाथों पर कम दबाव पड़ता है. यह फीचर खासतौर पर टूरिंग बाइक्स में देखने को मिलता है और लंबी दूरी तय करने वाले राइडर्स के लिए काफी आरामदायक साबित होता है.

स्लिपर क्लच तेज रफ्तार में अचानक गियर डाउन करने पर रियर व्हील को लॉक होने से बचाता है. इससे बाइक का संतुलन बना रहता है और कॉर्नरिंग के दौरान भी बेहतर कंट्रोल मिलता है. यह फीचर स्पोर्ट्स और परफॉर्मेंस बाइक्स में ज्यादा देखने को मिलता है, लेकिन शहर में भी स्मूद गियर शिफ्टिंग का अनुभव देता है. इससे राइडिंग ज्यादा आरामदायक और सुरक्षित बनती है.

ब्लूटूथ कनेक्टिविटी के जरिए बाइक को स्मार्टफोन से कनेक्ट किया जा सकता है. इससे कॉल और मैसेज अलर्ट, टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन, राइड स्टैटिस्टिक्स और सर्विस रिमाइंडर जैसी सुविधाएं मिलती हैं. कुछ बाइक्स मोबाइल ऐप के जरिए फ्यूल लेवल, ट्रिप हिस्ट्री और व्हीकल हेल्थ की जानकारी भी देती हैं. अगर आप टेक्नोलॉजी और सुविधा दोनों चाहते हैं, तो यह फीचर आपकी अगली बाइक में जरूर होना चाहिए.