21 साबुत मसालों का जादू! घर पर बनाएं दादी-नानी वाला शुद्ध गरम मसाला, हर दाल-सब्जी बनेगी होटल से भी ज्यादा स्वादिष्ट

21 साबुत मसालों का जादू! घर पर बनाएं दादी-नानी वाला शुद्ध गरम मसाला, हर दाल-सब्जी बनेगी होटल से भी ज्यादा स्वादिष्ट

बाजार में मिलने वाले गरम मसालों में कई बार मिलावट, कृत्रिम रंग या कम गुणवत्ता वाले मसाले मिलाए जाते हैं, जिससे खाने का स्वाद और खुशबू वैसी नहीं आती जैसी घर में तैयार किए गए मसाले से आती है. अगर आप चाहते हैं कि आपकी दाल, सब्जी, छोले, राजमा या बिरयानी में वही देसी स्वाद और दमदार खुशबू आए, जो दादी-नानी के हाथों के खाने में होती थी, तो 21 साबुत मसालों से तैयार किया गया यह पारंपरिक गरम मसाला आपके लिए बेहतरीन विकल्प है. इसकी हर चुटकी खाने का स्वाद कई गुना बढ़ा देती है और पूरे घर को खुशबू से महका देती है.

21 साबुत मसालों का जादू! घर पर बनाएं दादी-नानी वाला शुद्ध गरम मसाला, हर दाल-सब्जी बनेगी होटल से भी ज्यादा स्वादिष्ट

इस खास गरम मसाले को बनाने के लिए धनिया, जीरा, काली मिर्च, बड़ी इलायची, छोटी इलायची, लौंग, दालचीनी, तेजपत्ता, जावित्री, जायफल, सौंफ, शाहजीरा, चक्र फूल, नागकेसर, सूखी अदरक, कबाब चीनी, पिप्पली, सफेद मिर्च, काला जीरा, पत्थर फूल और सूखी लाल मिर्च जैसे कुल 21 साबुत मसालों का इस्तेमाल किया जाता है. हर मसाला अपने अलग स्वाद, खुशबू और गुणों के कारण इस मिश्रण को खास बनाता है. सही मात्रा में इनका संतुलन ही होटल जैसा स्वाद देने का असली राज माना जाता है.

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गरम मसाले का असली स्वाद सिर्फ मसालों पर नहीं, बल्कि उन्हें भूनने के सही तरीके पर भी निर्भर करता है. सभी मसालों को एक साथ तेज आंच पर भूनने की बजाय उनकी प्रकृति के अनुसार अलग-अलग धीमी आंच पर हल्का सेंकें. इससे मसालों का प्राकृतिक तेल बाहर आता है और उनकी खुशबू कई गुना बढ़ जाती है. अगर मसाले ज्यादा भुन जाएं या जल जाएं, तो पूरा गरम मसाला कड़वा हो सकता है और खाने का स्वाद भी खराब हो सकता है.

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भुने हुए मसालों को तुरंत नहीं पीसना चाहिए. पहले उन्हें पूरी तरह ठंडा होने दें, ताकि उनमें मौजूद गर्मी और नमी खत्म हो जाए. इसके बाद बारीक पीसने से मसाला एकसार बनता है और उसकी खुशबू लंबे समय तक बरकरार रहती है. चाहें तो और भी स्मूद टेक्सचर के लिए तैयार मसाले को महीन छलनी से छान सकते हैं.

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तैयार गरम मसाले को हमेशा साफ और सूखे कांच के एयरटाइट जार में भरकर रखें. इसे धूप, नमी और गर्म जगह से दूर रखें, क्योंकि इनकी वजह से मसाले की खुशबू और स्वाद जल्दी कम हो सकते हैं. मसाला निकालते समय हमेशा सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें. सही तरीके से स्टोर किया गया घर का गरम मसाला कई महीनों तक अपनी ताजगी और बेहतरीन खुशबू बनाए रखता है.

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घर का बना गरम मसाला सिर्फ दाल और सब्जी तक सीमित नहीं है. इसे राजमा, छोले, कढ़ी, मटर पनीर, शाही पनीर, मिक्स वेज, आलू की सब्जी, पुलाव, बिरयानी और नॉनवेज ग्रेवी जैसी कई रेसिपी में इस्तेमाल किया जा सकता है. खाना तैयार होने के आखिर में आधा या एक चम्मच गरम मसाला डालने से उसकी खुशबू और स्वाद दोनों कई गुना बढ़ जाते हैं.

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घर का बना गरम मसाला पूरी तरह शुद्ध, ताजा और बिना किसी प्रिजर्वेटिव या कृत्रिम रंग के तैयार होता है. इसमें आप अपनी पसंद के अनुसार मसालों की मात्रा कम या ज्यादा भी कर सकते हैं. यही वजह है कि पुराने समय से दादी-नानी घर में ही गरम मसाला तैयार करती थीं, जिससे हर साधारण दाल और सब्जी भी बेहद स्वादिष्ट बन जाती थी. अगर आप भी अपने खाने में देसी खुशबू, गहरा स्वाद और हेल्दी विकल्प चाहते हैं, तो एक बार इस पारंपरिक गरम मसाले को जरूर बनाकर देखें.

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