कराची: पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भारत के खिलाफ एक बार फिर तीखे बयान दिए हैं. शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की पुण्यतिथि के मौके पर कराची में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए जरदारी ने कहा कि मई महीने में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान पाकिस्तान ने भारतीय कार्रवाई का कड़ा जवाब दिया था. उनके अनुसार, उसी संघर्ष के बाद भारत को यह एहसास हुआ कि युद्ध कोई आसान या “बच्चों का खेल” नहीं होता.
जरदारी ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के संयम का आभार व्यक्त करना चाहिए, क्योंकि अगर पाकिस्तान चाहता तो हालात और भी गंभीर हो सकते थे. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान की सैन्य क्षमता इतनी मजबूत थी कि वह और भारतीय लड़ाकू विमानों को निशाना बना सकता था, लेकिन संयम बरता गया.
अगर दोबारा युद्ध थोपा गया तो तैयार पाकिस्तान
अपने संबोधन में राष्ट्रपति जरदारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब यह समझ चुके हैं कि पाकिस्तान अपनी रक्षा करने में सक्षम है. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर भविष्य में पाकिस्तान पर दोबारा युद्ध थोपा गया, तो देश पूरी तरह से तैयार है.
जरदारी ने यह भी कहा कि भले ही भारत खुद को एक बड़ी शक्ति मानता हो, लेकिन पाकिस्तान के नेतृत्व और सेना के भीतर जो हिम्मत, जज्बा और संकल्प है, उसकी तुलना भारत नहीं कर सकता. उनके मुताबिक, युद्ध केवल हथियारों से नहीं, बल्कि साहस और बलिदान की भावना से लड़ा जाता है.
बंकर में जाने से किया इनकार
रैली के दौरान जरदारी ने मई में हुए संघर्ष से जुड़ा एक निजी अनुभव भी साझा किया. उन्होंने कहा कि जब हालात तनावपूर्ण थे, तब उन्हें बंकर में जाने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया.
उनका कहना था कि नेता बंकरों में छिपकर नहीं मरते, बल्कि मैदान में खड़े होकर हालात का सामना करते हैं. उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान का नेतृत्व और उसकी सेना किसी भी चुनौती का सामना करने का साहस रखती है.
आसिम मुनीर की भूमिका की तारीफ
जरदारी ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर की खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि भारत के साथ संघर्ष के दौरान सबसे अहम भूमिका आसिम मुनीर ने निभाई. उनके मुताबिक, मुनीर ने दुश्मन को आंखों में आंखें डालकर जवाब दिया और पाकिस्तान की सैन्य स्थिति को मजबूती दी.
जरदारी ने यह भी दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अब पाकिस्तान के रुख को ज्यादा स्वीकार किया जा रहा है और यहां तक कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की तारीफ की है.
मोदी अब विदेश में पाकिस्तान का नाम नहीं लेते
इस रैली में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी तीखे बयान दिए. उन्होंने कहा कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर का नाम सुनते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छिप जाते हैं.
बिलावल ने दावा किया कि अब मोदी विदेश दौरों के दौरान भी पाकिस्तान को लेकर पहले जैसा बयान नहीं देते. उनके अनुसार, मई में हुए संघर्ष के बाद अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान की स्थिति मजबूत हुई है.
बिलावल का दावा: युद्ध में पाकिस्तान की जीत
बिलावल भुट्टो जरदारी ने यह भी कहा कि मई में हुए भारत-पाकिस्तान संघर्ष में पाकिस्तान को जीत मिली थी और इसे उन्होंने 2025 की पाकिस्तान की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया.
उन्होंने कहा कि बेनजीर भुट्टो की शहादत को 18 साल बीत जाने के बाद भी देश के चारों प्रांतों से लोगों का इस तरह जुटना यह संदेश देता है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ एकजुट है.
भुट्टो परिवार के योगदान का जिक्र
अपने भाषण में बिलावल ने भुट्टो परिवार के योगदान को भी रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि जुल्फिकार अली भुट्टो ने पाकिस्तान को परमाणु शक्ति बनाया, जबकि आसिफ अली जरदारी ने चीन के साथ संबंधों को मजबूत करते हुए चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) की नींव रखी.
बिलावल के अनुसार, इन कदमों ने पाकिस्तान की सामरिक और आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है और देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाई है.
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