यूपी में अब होमगार्ड भर्ती के लिए ये लोग नहीं कर सकेंगे आवेदन, योगी सरकार ने बदले नियम

उत्तर प्रदेश में होमगार्ड सेवा में जुड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है. प्रदेश सरकार ने होमगार्ड भर्ती को लेकर नियमों में बड़ा फेरबदल किया है.

Yogi government changes rules for Home Guard recruitment in UP
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में होमगार्ड सेवा में जुड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है. प्रदेश सरकार ने होमगार्ड भर्ती को लेकर नियमों में बड़ा फेरबदल किया है. इस बदलाव का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, पेशेवर और जवाबदेह बनाना है.

सरकारी कर्मचारियों के लिए दरवाज़े बंद

अब यूपी होमगार्ड की भर्ती में केवल बेरोज़गार युवा ही आवेदन कर सकेंगे. सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी, अर्ध-सरकारी, सार्वजनिक क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारी इस सेवा के लिए पात्र नहीं होंगे. पहले डॉक्टर, पत्रकार, वकील जैसे पेशेवर लोग भी सेवा भावना से जुड़ सकते थे, लेकिन अब उन्हें बाहर कर दिया गया है.

डिजिटल होगी पूरी आवेदन प्रक्रिया

नए नियमों के तहत होमगार्ड की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल कर दी गई है. यानी, अब आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े की गुंजाइश कम होगी.

जिलेवार होगी भर्ती, रिक्तियों के आधार पर मिलेगा मौका

हर जिले में जितनी वास्तविक रिक्तियाँ होंगी, उसी के अनुसार आवेदन लिए जाएंगे. उदाहरण के तौर पर, अगर किसी जिले में 11,000 से अधिक पद खाली हैं, तो वहीं के अनुरूप एक निश्चित संख्या में ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे. इससे यह सुनिश्चित होगा कि हर जिले के युवाओं को बराबर मौका मिले और प्रक्रिया संतुलित रहे.

आयु सीमा और पात्रता की शर्तें

भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 30 वर्ष निर्धारित की गई है. हालांकि, आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट दी जाएगी. इसके साथ ही जिन उम्मीदवारों पर आपराधिक मुकदमे लंबित हैं, या जो पहले किसी सरकारी सेवा से निलंबित या बर्खास्त किए जा चुके हैं, वे भी इस प्रक्रिया से बाहर रहेंगे.

44 हजार पदों पर होगी भर्ती

जल्द ही उत्तर प्रदेश में होमगार्ड के 44,000 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इसके लिए होमगार्ड विभाग ने संशोधित नियमावली तैयार कर शासन को भेज दी है. अनुमोदन मिलते ही यह प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी जाएगी.

भर्ती में पारदर्शिता और जवाबदेही पर ज़ोर

जानकारों का मानना है कि इस बदलाव से न केवल भर्ती प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी होगी, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल ज़रूरतमंद और बेरोज़गार युवाओं को ही इस सेवा का लाभ मिले. सरकार की मंशा है कि होमगार्ड केवल “स्वयंसेवा” न रहे, बल्कि एक पेशेवर, अनुशासित और जवाबदेह बल के रूप में उभरे.

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