WW-3 की आहट! मादुरो की गिरफ्तारी के बाद दुनियाभर में शुरू हुआ प्रोटेस्ट, ट्रंप के खिलाफ फूटा गुस्सा

America Attack Venezuela: वेनेजुएला में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य कार्रवाई के बाद वैश्विक राजनीति में उथल-पुथल तेज हो गई है. इस ऑपरेशन के बाद न सिर्फ लैटिन अमेरिका बल्कि यूरोप, एशिया और खुद अमेरिका के भीतर भी विरोध की लहर देखने को मिल रही है.

WW-3 Protest started across the world after Venezuela Maduro arrest anger erupted against Trump
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America Attack Venezuela: वेनेजुएला में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य कार्रवाई के बाद वैश्विक राजनीति में उथल-पुथल तेज हो गई है. इस ऑपरेशन के बाद न सिर्फ लैटिन अमेरिका बल्कि यूरोप, एशिया और खुद अमेरिका के भीतर भी विरोध की लहर देखने को मिल रही है. कई देशों और संगठनों का मानना है कि ट्रंप का यह कदम अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा बन सकता है और इसे तीसरे विश्वयुद्ध की दिशा में बढ़ता हुआ कदम भी बताया जा रहा है.

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिका द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद ट्रंप प्रशासन की तीखी आलोचना हो रही है. भले ही सैन्य और आर्थिक ताकत के लिहाज से अमेरिका वेनेजुएला से कहीं आगे हो, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय के एक बड़े हिस्से का मानना है कि किसी संप्रभु देश के राष्ट्रपति को इस तरह अगवा करना गंभीर भूल है. आलोचकों का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और देशों की संप्रभुता के सिद्धांतों के खिलाफ है.

ट्रंप ने खुद बढ़ा लिए नए दुश्मन

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, वेनेजुएला पर हमला कर और राष्ट्रपति मादुरो को पत्नी समेत हिरासत में लेकर ट्रंप ने अपने विरोधियों की संख्या खुद बढ़ा ली है. इस कार्रवाई ने अमेरिका विरोधी देशों को एकजुट होने का मौका दे दिया है. कई विशेषज्ञ मानते हैं कि इस एक फैसले से दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में तनाव के नए मोर्चे खुल गए हैं. यही वजह है कि यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या मादुरो से जुड़ा यह विवाद किसी बड़े वैश्विक संघर्ष की शुरुआत बन सकता है.

दुनिया भर में अमेरिका के खिलाफ प्रदर्शन

अमेरिका की इस कार्रवाई के विरोध में कई देशों में सड़कों पर लोग उतर आए हैं. फ्रांस की राजधानी पेरिस में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ नारे लगाए और गुस्साई भीड़ ने अमेरिका के झंडे को जलाकर विरोध दर्ज कराया.

वहीं क्यूबा में भी हजारों लोग सड़कों पर उतरे और रैलियों के जरिए अमेरिका के कदम की निंदा की गई. क्यूबा के राष्ट्रपति ने खुलकर मादुरो की रिहाई की मांग की है. अमेरिका के भीतर भी असंतोष देखने को मिला. पोर्टलैंड में सैकड़ों लोगों ने प्रदर्शन कर वेनेजुएला पर कार्रवाई का विरोध किया और मादुरो की रिहाई की मांग उठाई.

चीन और उत्तर कोरिया का कड़ा रुख

चीन ने इस पूरे घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. चीनी विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर अमेरिका से वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को तुरंत रिहा करने की मांग की है. चीन का कहना है कि किसी देश के राष्ट्रपति को जबरन बाहर ले जाना गलत है और इस मुद्दे का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए.

उत्तर कोरिया ने भी अमेरिकी कार्रवाई की तीखी आलोचना की है. प्योंगयांग ने इसे खुली गुंडागर्दी करार देते हुए कहा कि यह किसी भी संप्रभु देश की आजादी और स्वतंत्रता पर गंभीर हमला है.

वाशिंगटन और न्यूयॉर्क में भी विरोध

अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के बाहर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने “वेनेजुएला पर युद्ध नहीं” जैसे नारे लगाए और विरोधी बैनर लहराए.

न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में भी प्रदर्शनकारियों ने रैली निकाली और ट्रंप की गिरफ्तारी की मांग की. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह कार्रवाई न सिर्फ अनैतिक है, बल्कि दुनिया को एक खतरनाक दिशा में धकेल रही है.

यूरोप और लैटिन अमेरिका में भी विरोध की लहर

पेरिस के अलावा ग्रीस की राजधानी एथेंस में हजारों लोग सड़कों पर उतरे और मादुरो की गिरफ्तारी का विरोध किया. इटली की राजधानी रोम में भी नागरिकों ने अमेरिकी सैन्य अभियान के खिलाफ प्रदर्शन किया. अर्जेंटीना और कोलंबिया जैसे देशों में भी अमेरिका के हस्तक्षेप के खिलाफ आवाजें उठीं और इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बताया गया.

बढ़ती चिंता और अनिश्चित भविष्य

वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता लगातार बढ़ रही है. कई देश और विशेषज्ञ इस बात को लेकर आशंकित हैं कि अगर हालात को जल्द कूटनीतिक तरीके से नहीं संभाला गया, तो यह संकट और गहरा सकता है. फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि अमेरिका आगे क्या कदम उठाता है और क्या यह तनाव किसी बड़े वैश्विक टकराव की ओर बढ़ता है या बातचीत के जरिए रास्ता निकलता है.

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