Iran Warn Trump: मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण होते दिखाई दे रहे हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी चेतावनी के बाद ईरान ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए कड़ा जवाब दिया है. इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ मंच साझा करते हुए ट्रंप ने ईरान को खुले शब्दों में चेताया था कि अगर उसने अपने बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को दोबारा सक्रिय किया, तो अमेरिका उसे “पूरी तरह तबाह” कर देगा. अब इस बयान पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पलटवार किया है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका का नाम लिए बिना कड़ा संदेश दिया. उन्होंने लिखा कि इस्लामिक गणराज्य ईरान पर किसी भी तरह का दमनकारी हमला बेहद खतरनाक परिणाम लाएगा और हमला करने वाले को अपने फैसले पर पछताना पड़ेगा. यह बयान साफ तौर पर दर्शाता है कि ईरान अब किसी भी दबाव की राजनीति को सहन करने के मूड में नहीं है.
پاسخ جمهوری اسلامی ایران به هر تجاوز ستمکارانهای، سخت و پشیمان کننده خواهد بود.
— Masoud Pezeshkian (@drpezeshkian) December 30, 2025
ट्रंप का सख्त संदेश, लेकिन बातचीत का संकेत भी
डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा स्थित अपने आवास मार-ए-लागो में पत्रकारों से बात करते हुए कहा था कि उन्हें जानकारी मिली है कि ईरान अपने बैलिस्टिक हथियारों के भंडार को बढ़ाने और परमाणु कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने की कोशिश कर रहा है. ट्रंप के मुताबिक, अगर ऐसा होता है तो अमेरिका अतिरिक्त सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा.
हालांकि, अपने सख्त तेवरों के बीच ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान बातचीत और समझौते का रास्ता अपनाता है तो यह उसके लिए ज्यादा समझदारी भरा कदम होगा. ट्रंप ने कहा, “मैं सुन रहा हूं कि ईरान समझौता करना चाहता है. अगर ऐसा है, तो यह बहुत बेहतर विकल्प होगा.”
नेतन्याहू से मुलाकात और बढ़ता क्षेत्रीय तनाव
ट्रंप और नेतन्याहू की यह मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब इजरायल और ईरान के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल इस बात को लेकर चिंतित है कि ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है. इस साल की शुरुआत में इजरायल द्वारा किए गए हमलों से ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को नुकसान जरूर पहुंचा था, लेकिन अब उसे दोबारा खड़ा करने की कोशिशों की खबरें सामने आ रही हैं.
परमाणु ठिकानों को लेकर भी चिंता
मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि ईरान उन परमाणु संवर्धन स्थलों को फिर से विकसित करने में जुटा है, जिन पर जून में अमेरिकी हमले हुए थे. यही कारण है कि अमेरिका और इजरायल दोनों ईरान की गतिविधियों पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं.
इजरायल को खुली छूट?
जब ट्रंप से यह सवाल पूछा गया कि क्या वह ईरान के खिलाफ इजरायली हमलों का समर्थन करेंगे, तो उनका जवाब बेहद साफ था. उन्होंने कहा कि अगर ईरान अपने मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ाता है, तो इजरायल को हमला करना चाहिए और अगर वह अपने परमाणु कार्यक्रम को फिर से शुरू करता है, तो इजरायल को तुरंत हमला करना चाहिए.
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