PM Modi In Vibrant Gujarat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस के तहत ट्रेड शो और प्रदर्शनी का भव्य उद्घाटन किया. इस मौके पर प्रधानमंत्री ने उपस्थित प्रतिनिधियों और उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय विकास और निवेश को लेकर कई अहम बातें साझा कीं. पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत सोमनाथ दादा के चरणों में सिर झुकाकर की, जो उनके लिए गुजरात की यात्रा की एक पारंपरिक और आध्यात्मिक शुरुआत थी.
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा, "गुजरात में विकास के साथ विरासत का मंत्र हर जगह गूंज रहा है. वाइब्रेंट गुजरात सिर्फ एक समिट नहीं है, बल्कि यह 21वीं सदी में उस विकास यात्रा का प्रतीक है, जो कभी केवल एक सपना थी और आज देश और दुनिया के भरोसे में बदल चुकी है."
Speaking at the Vibrant Gujarat Regional Conference for Kutch and Saurashtra Region.
— Narendra Modi (@narendramodi) January 11, 2026
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दो दशकों में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल के 10 समिट
उन्होंने बताया कि पिछले दो दशकों में वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के 10 आयोजन हो चुके हैं. शुरुआत में इसका उद्देश्य दुनिया को गुजरात की क्षमता दिखाना था ताकि निवेश आकर्षित हो, लेकिन आज यह समिट ग्लोबल ग्रोथ और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी का एक मजबूत मंच बन चुकी है.
पीएम मोदी ने आगे कहा, "बीते 20 वर्षों में वाइब्रेंट गुजरात हर बार कुछ नया लेकर आया है. अब क्षेत्रीय वाइब्रेंट गुजरात समिट का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास को और तेज करना है. भारत तेजी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर बढ़ रहा है और दुनिया की उम्मीदें लगातार भारत से बढ़ रही हैं."
सौराष्ट्र-कच्छ में निवेश का सही समय
प्रधानमंत्री ने निवेशकों को संदेश देते हुए कहा, "भारत दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल डेटा उपभोक्ता और दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता है. IMF ने भारत को ग्लोबल ग्रोथ का इंजन बताया है. यही सही समय है, यही सही मौका है कि आप सौराष्ट्र-कच्छ में निवेश करें."
पीएम मोदी ने सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र की चुनौतियों और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा, "यह वही कच्छ है जिसने भीषण भूकंप झेला, यह वही सौराष्ट्र है जिसने सूखे का सामना किया. आज यहां की पीढ़ी ने अपने परिश्रम और मेहनत से भाग्य बदला है. राजकोट में ही ढाई लाख से अधिक MSME हैं, जहां स्क्रू ड्राइवर से लेकर एयरक्राफ्ट पार्ट्स और लग्जरी कार बनती है. इस क्षेत्र का ज्वेलरी उद्योग विश्व प्रसिद्ध है. अलंग में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा शिप ब्रेकिंग यार्ड है, जबकि धोलेरा में भारत की पहली सेमी कंडक्टर फैब्रिकेशन इंडस्ट्री बन रही है. कच्छ में दुनिया का सबसे बड़ा हाइब्रिड एनर्जी पार्क बनाया जा रहा है, जो पेरिस शहर से पांच गुना बड़ा होगा."
मेट्रो फेज 2 का लोकार्पण
प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन के बाद गांधीनगर मेट्रो फेज 2 का लोकार्पण किया. इस फेज में 7.8 किलोमीटर के रूट पर 7 नए स्टेशन तैयार किए गए हैं, जिनमें सचिवालय, सेक्टर 10A, महात्मा मंदिर, सेक्टर 24, सेक्टर 16, पुराना सचिवालय और अक्षरधाम शामिल हैं. इसके साथ ही अहमदाबाद-मेट्रो नेटवर्क का विस्तार 68 किलोमीटर तक हो जाएगा और 22 मेट्रो स्टेशन जुड़ जाएंगे.
मेट्रो रूट को विशेष रूप से इस तरह से डिजाइन किया गया है कि गांधीनगर सचिवालय और अहमदाबाद के विभिन्न हिस्सों के बीच आवाजाही आसान हो. महात्मा मंदिर मेट्रो स्टेशन को सीधे गांधीनगर कैपिटल रेलवे स्टेशन से जोड़ा गया है, जिससे मल्टी कनेक्टिविटी और यात्रियों की सुविधा बढ़ गई है. पीएम मोदी ने कहा कि इससे न केवल कर्मचारियों के लिए, बल्कि आम जनता के लिए भी रोजमर्रा की आवाजाही आसान हो जाएगी.
गुजरात की ओर वैश्विक नजर
प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन में जोर देकर कहा कि सौराष्ट्र-कच्छ भारत की ग्रोथ का एंकर रीजन बन चुके हैं. उन्होंने बताया कि मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, एयरोस्पेस पार्ट्स, ज्वेलरी इंडस्ट्री, शिप ब्रेकिंग और ऊर्जा क्षेत्रों में निवेश की अपार संभावनाएं हैं. उन्होंने निवेशकों और उद्योगपतियों से अपील की कि वे इस समय का फायदा उठाएं और इस क्षेत्र के विकास में योगदान दें.
प्रधानमंत्री का यह भाषण न केवल विकास और निवेश का संदेश था, बल्कि यह गुजरात के मेहनती लोगों की उपलब्धियों और क्षेत्रीय क्षमता का उत्सव भी था. उनका कहना था कि जो काम उन्होंने शुरू किया था, आज उसका परिणाम नजर आ रहा है और भविष्य में यह और भी तेजी से आगे बढ़ेगा.
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