48 घंटे में ही ट्रंप ने लिया यू-टर्न, चीन का नाम लेकर होर्मुज में उठाया बड़ा कदम; पूरी दुनिया होगी प्रभावित

American Hormuz Blockade: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से नाकाबंदी हटाने का बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अब इस रास्ते को पूरी तरह खोल दिया गया है और आगे इसे बंद नहीं किया जाएगा.

Within 48 hours Trump took a U-turn took a big step in Hormuz by naming China iran america war
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American Hormuz Blockade: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य से नाकाबंदी हटाने का बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अब इस रास्ते को पूरी तरह खोल दिया गया है और आगे इसे बंद नहीं किया जाएगा. ट्रंप के अनुसार, इस मुद्दे पर चीन से बातचीत हुई है और चीन ने ईरान को हथियार नहीं देने का भरोसा दिया है. इसी के बाद अमेरिका ने यह फैसला लिया.

ट्रंप ने एक सोशल पोस्ट में कहा कि अब होर्मुज जलडमरूमध्य सभी देशों के लिए खुला रहेगा. उन्होंने यह भी कहा कि “अब कभी इसे बंद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी” और इस फैसले से वह काफी खुश हैं.

चीन को लिखा पत्र

ट्रंप ने बताया कि हाल ही में खबर आई थी कि चीन, ईरान को हथियार भेज सकता है. इसके बाद उन्होंने चीन के राष्ट्रपति को पत्र लिखा और हथियार न देने की अपील की. ट्रंप का कहना है कि चीन इस बात पर मान गया है. 

उन्होंने यह भी कहा कि उनके और चीन के राष्ट्रपति के बीच अच्छे संबंध हैं. इससे पहले अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने ट्रंप के निर्देश पर होर्मुज को ब्लॉक करने का फैसला लिया था. लेकिन यह कदम ज्यादा सफल नहीं रहा.

क्यों हटानी पड़ी नाकाबंदी?

नाकाबंदी हटाने के पीछे कई बड़े कारण बताए जा रहे हैं:

1. नाकाबंदी पूरी तरह सफल नहीं रही

रिपोर्ट्स के मुताबिक, नाकाबंदी के पहले ही दिन कई जहाज होर्मुज से गुजर गए. अमेरिकी सेना इन्हें रोक नहीं पाई. इनमें से कई जहाज चीन के थे, जिन्हें रोकना अमेरिका के लिए जोखिम भरा हो सकता था.

2. दूसरे देश भी हुए एक्टिव

यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस जैसे देश भी इस मुद्दे पर सक्रिय हो गए थे. इन देशों का कहना था कि किसी एक देश की वजह से पूरी दुनिया को परेशानी नहीं होनी चाहिए. वे इस मामले में बड़ा गठबंधन बनाने की तैयारी कर रहे थे.

3. अमेरिका-ईरान बातचीत की तैयारी

इस हफ्ते के अंत में अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की योजना है. अगर इससे पहले नाकाबंदी पूरी तरह फेल हो जाती, तो बातचीत में अमेरिका की स्थिति कमजोर हो सकती थी. इसलिए ट्रंप ने पहले ही यह फैसला लेकर स्थिति संभालने की कोशिश की.

आगे क्या?

अब होर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, खासकर तेल सप्लाई पर असर कम होने की उम्मीद है. हालांकि, आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि अमेरिका, ईरान और चीन के बीच हालात किस दिशा में जाते हैं और शांति वार्ता का क्या नतीजा निकलता है.

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