Middle East War: ईरान पर जारी सैन्य कार्रवाइयों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सेना को ईरान में तैनात करने से भी वह कतई नहीं हिचकेंगे.
उनका यह बयान उस समय आया है जब ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत तेहरान में उच्च पदस्थ अधिकारियों को निशाना बनाया गया और इस दौरान बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई. ट्रंप ने यह भी बताया कि युद्ध और सैन्य रणनीति अब तय समय से काफी आगे चल रही है.
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) March 2, 2026
जमीन पर सेना भेजने की संभावना
न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि आमतौर पर हर राष्ट्रपति यह कहता है कि जमीन पर सेना नहीं भेजी जाएगी, लेकिन मैं ऐसा नहीं कहता. उन्होंने साफ किया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी जमीनी सेना की तैनाती पर कोई रोक नहीं है. उन्होंने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का हवाला देते हुए कहा कि इस ऑपरेशन ने तेहरान के दर्जनों शीर्ष अधिकारियों को निशाना बनाया और इसे अपेक्षित समय से कहीं पहले पूरा किया गया.
युद्ध जल्द खत्म हो सकता है
हालांकि, ट्रंप ने यह भी संकेत दिए कि युद्ध जल्द ही समाप्त हो सकता है. इससे पहले उन्होंने एक मीडिया इंटरव्यू में कहा था कि यह संघर्ष करीब चार सप्ताह तक खिंच सकता है, लेकिन अब उनके बयान से यह स्पष्ट हुआ कि अमेरिकी नेतृत्व ने स्थिति को तेजी से नियंत्रित कर लिया है. उन्होंने बताया, "49 लोग मारे गए, जबकि हम अनुमान लगा रहे थे कि इसमें कम से कम चार सप्ताह लगेंगे, लेकिन इसे एक ही दिन में पूरा कर दिया गया."
जेनेवा बैठक और ईरान पर खुफिया जानकारी
ट्रंप ने यह भी बताया कि जेनेवा में हुई बैठक के बाद अमेरिकी नेतृत्व ने ईरान पर कार्रवाई का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि ईरान किसी तरह से बदला लेने के लिए आतंकवाद का सहारा ले सकता है. ट्रंप ने खुफिया जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि ईरान ने गुपचुप तरीके से अपनी परमाणु परियोजनाओं पर काम शुरू किया था. इसके चलते अमेरिकी नेतृत्व ने गंभीर बातचीत के बाद स्थिति को नियंत्रित करते हुए कार्रवाई करने का निर्णय लिया.
रणनीतिक रूप से अमेरिका ने समय से आगे कदम बढ़ाया
ट्रंप के अनुसार, सैन्य कार्रवाई और रणनीति के मामले में अमेरिका ने न केवल तय समय से आगे कदम बढ़ाया बल्कि जल्दी और निर्णायक कार्रवाई के जरिए अपनी योजना को प्रभावी रूप से लागू किया. उनका यह बयान अमेरिकी नेतृत्व की सक्रिय नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति उनकी गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
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