S Jaishankar Poland Visit: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि यूक्रेन युद्ध के लिए रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों को जिम्मेदार ठहराने का कोई मतलब नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत अगर रूस से व्यापार कर रहा है तो इसका यूक्रेन युद्ध से कोई सीधा संबंध नहीं है. पोलैंड दौरे के दौरान जयशंकर ने ये बातें कहीं.
जयशंकर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिका और पश्चिमी देशों की ओर से लगातार कहा जाता रहा है कि भारत और चीन जैसे देशों के साथ रूस का व्यापार उसे यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने में मदद करता है.
रूस से व्यापार रोकने से युद्ध खत्म नहीं होगा
पोलैंड में जयशंकर से पूछा गया कि क्या भारत रूस के साथ व्यापार करके उसे युद्ध जारी रखने में किसी तरह मदद कर रहा है. इस पर उन्होंने कहा कि अगर भारत रूस से तेल, उर्वरक, धातु या खनिजों का व्यापार बंद भी कर दे, तब भी यह युद्ध खत्म नहीं होगा.
उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान वहीं तलाशना होगा, जहां समस्या है. जयशंकर के मुताबिक इसका रास्ता बातचीत, कूटनीति और आपसी वार्ता से ही निकल सकता है.
भारत लगातार बातचीत के पक्ष में
जयशंकर ने कहा कि भारत शुरू से ही रूस-यूक्रेन युद्ध का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए निकालने की बात करता रहा है. भारत का साफ मानना है कि युद्ध को लंबा खींचने के बजाय उसे खत्म करने की कोशिश होनी चाहिए.
उन्होंने कहा कि ऐसी जंग में जहां कोई पक्ष जीत नहीं पाता, वहां दुनिया को सिर्फ मौत, तबाही और नुकसान का सामना करना पड़ता है. भारत का मानना है कि शांति कायम करने के लिए हर संभव कोशिश की जानी चाहिए और इस मुद्दे पर भारत का रुख बिल्कुल साफ है.
जयशंकर के दौरे का मकसद
एस. जयशंकर 3 से 5 सितंबर तक यूक्रेन और पोलैंड की आधिकारिक यात्रा पर हैं. इस दौरान दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के साथ उनकी कई अहम मुद्दों पर बातचीत हो रही है. यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा और पोलैंड के विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा हुई है.
जयशंकर ने पोलैंड के विदेश मंत्री और उपप्रधानमंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की के साथ 2024 में बनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर भी बात की. इसमें रक्षा, अंतरिक्ष, जहाज निर्माण, यूरोप की सुरक्षा, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ दोनों देशों के विचार समूहों के बीच संबंध मजबूत करने पर चर्चा हुई.
भारत-पोलैंड के पुराने रिश्ते
भारत और पोलैंड के बीच लंबे समय से अच्छे संबंध हैं. दोनों देशों के रिश्तों में उच्च स्तर की राजनीतिक बातचीत के साथ व्यापारिक गतिविधियां भी अहम रही हैं. भारत और पोलैंड ने 1954 में राजनयिक संबंध स्थापित किए थे और तब से दोनों देशों के बीच संबंध लगातार आगे बढ़े हैं.
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