नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और दूरगामी कदम उठाया है. मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि अब पेंशन प्राप्त करने वाली विधवाओं और दिव्यांगों को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ मिलेगा. यह कदम लाखों जरूरतमंद परिवारों के लिए एक वरदान साबित होगा, क्योंकि अब इन परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी, जो पहले उनके लिए एक सपना था.
कैबिनेट बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में दिल्ली सचिवालय में मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. इस फैसले के तहत दिल्ली में करीब 3 लाख 96 हजार 615 विधवा पेंशन धारकों और 1 लाख 31 हजार 515 दिव्यांग पेंशन लाभार्थियों को सीधे तौर पर आयुष्मान योजना का लाभ मिलेगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि कोई भी गरीब या जरूरतमंद नागरिक इलाज के अभाव में वंचित न रहे. प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को और समावेशी बनाने का यह कदम दिल्ली के नागरिकों के लिए एक राहत साबित होगा.
5.5 लाख नए परिवारों को मिलेगी स्वास्थ्य सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस निर्णय से दिल्ली में लगभग 5.5 लाख नए परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा की कवच मिलेगा. इनमें वे परिवार शामिल होंगे जो पहले से योजना का लाभ प्राप्त कर रहे हैं, जैसे अंत्योदय अन्न योजना (एएवाई) और प्राथमिकता (पीआरएस) श्रेणी के परिवार, 70 वर्ष से ऊपर के वरिष्ठ नागरिक, आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और हेल्पर्स. यह कदम दिल्ली में स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा अभूतपूर्व रूप से बढ़ा देगा.
प्रधानमंत्री के विजन की ओर एक और कदम
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक और बड़ा कदम है. प्रधानमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के जरिए देश के करोड़ों गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का अधिकार दिया है, और दिल्ली सरकार इस जनकल्याणकारी सोच को आगे बढ़ाते हुए अपने नागरिकों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है.
सरकारी योजनाओं का लाभ हर नागरिक तक पहुंचे
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य यह है कि दिल्ली का कोई भी नागरिक, चाहे वह गरीब हो या कमजोर, गुणवत्तापूर्ण और सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे. उन्होंने बताया कि अब तक दिल्ली में 7 लाख 23 हजार 707 आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जिनमें से 2 लाख 74 हजार 620 कार्ड वरिष्ठ नागरिकों को दिए गए हैं. इसके अलावा, दिल्ली में 208 अस्पतालों का नेटवर्क सूचीबद्ध किया गया है, जिनमें 156 निजी और 53 सरकारी अस्पताल शामिल हैं.
दिल्ली के स्वास्थ्य संकल्प में एक नया अध्याय
मुख्यमंत्री ने इस निर्णय को केवल प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि दिल्ली के हर जरूरतमंद परिवार के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़ा संकल्प बताया. यह पहल एक स्वस्थ, समावेशी और संवेदनशील दिल्ली के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है, जहां हर नागरिक को विकास का लाभ मिले और कोई भी पीछे न छूटे.
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