जिस तानाशाह ने झपकी लेने पर चाचा को मरवा दिया, अब खुद को सता रहा है मौत का डर; जानें क्यों

Kim Jong Un North Korea: उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन एक बार फिर वैश्विक चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. हाल ही में चीन दौरे के दौरान राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ उनकी मुस्कुराती तस्वीरों ने दुनिया को हैरान जरूर किया, लेकिन क्या यह नरमी दिखाने की एक राजनीतिक रणनीति है या फिर वाकई में किम बदल गए हैं?

Why is North Korea Supreme Leader Kim Jong-un afraid of death
Image Source: ANI/ File

Kim Jong Un North Korea: उत्तर कोरिया के सुप्रीम लीडर किम जोंग उन एक बार फिर वैश्विक चर्चा का केंद्र बने हुए हैं. हाल ही में चीन दौरे के दौरान राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ उनकी मुस्कुराती तस्वीरों ने दुनिया को हैरान जरूर किया, लेकिन क्या यह नरमी दिखाने की एक राजनीतिक रणनीति है या फिर वाकई में किम बदल गए हैं? जहां एक ओर वो अमेरिका के प्रति सुलहभरा रुख दिखा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उनके क्रूर और तानाशाही भरे शासन की कड़वी सच्चाइयां अब भी वैसी ही हैं.

किम जोंग उन ने जब 2011 में उत्तर कोरिया की सत्ता संभाली, तब से लेकर आज तक उनकी छवि एक क्रूर, तानाशाह और सनकी शासक की रही है. उन्होंने अपने चाचा जंग सोंग थाएक को देशद्रोह के आरोप में फांसी पर चढ़वा दिया. सौतेले भाई किम जोंग-नैम की हत्या भी अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में रही, जिसे मलेशिया एयरपोर्ट पर ज़हर देकर मारा गया.

झपकी ली और उड़वा दिया!

किम का डर देश में ऐसा बैठा है कि छोटी सी गलती पर भी जान चली जाती है. साल 2015 में, डिफेंस मिनिस्टर ह्योंग योंग-चोल को एक बैठक के दौरान झपकी लेने पर एंटी-एयरक्राफ्ट गन से उड़ा दिया गया. यह सज़ा एक सार्वजनिक स्थान पर दी गई ताकि सभी अधिकारियों को एक चेतावनी मिल सके, "किम की बात आखिरी है."

तानाशाही का फैशन कोड

उत्तर कोरिया में सिर्फ विचारों पर नहीं, लोगों की दिखावट पर भी नियंत्रण है. किम ने देशभर के पुरुषों को अपने जैसे हेयरकट रखने का आदेश दिया. महिलाओं को उनकी पत्नी री सोल-जू की तरह बॉब कट रखना पड़ता है. कहा जाता है कि किम को नाइयों से डर लगता है, इसलिए वो अपने बाल खुद काटते हैं.

गाने सुनने पर मौत की सजा!

उत्तर कोरिया में इंटरनेट आम जनता के लिए नहीं, सिर्फ सेना और सरकार के खास लोगों को ही इसकी सुविधा है. विदेशी फिल्में देखना, या दक्षिण कोरियाई म्यूजिक सुनना वहां कानूनन अपराध है, जिसकी सजा मौत हो सकती है. किम का मकसद है, जनता को बाहरी दुनिया से पूरी तरह काट देना.

सुरक्षा या सनक? 

किम की सुरक्षा को लेकर सनकी सोच का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह विदेश यात्राओं पर भी अपना निजी टॉयलेट साथ ले जाते हैं, ताकि कोई उनकी जैविक जानकारी हासिल न कर सके.

मुलायम मुस्कान, लेकिन छुपा है खौफ का चेहरा

हालांकि चीन के साथ बढ़ती दोस्ती और अमेरिका के प्रति नरम बयान यह संकेत देते हैं कि शायद किम बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन उनके तानाशाही शासन की सच्चाई इन नरम शब्दों के पीछे अब भी दम तोड़ती नहीं दिख रही.

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