सोशल मीडिया पर क्यों ट्रेंड हो रहा Bean Tok? जानें हेल्थ के लिए ये कितना है फायदेमंद

BeanTok Trend: सोशल मीडिया पर हर हफ्ते कोई न कोई नया हेल्थ ट्रेंड वायरल होता रहता है. कुछ ट्रेंड सुनने में अजीब लगते हैं, तो कुछ हेल्दी. इसी बीच अब Bean Tok नाम का ट्रेंड इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है. 

Why is Bean Tok trending on social media Know how beneficial it is for health
प्रतिकात्मक तस्वीर/ FreePik

BeanTok Trend: सोशल मीडिया पर हर हफ्ते कोई न कोई नया हेल्थ ट्रेंड वायरल होता रहता है. कुछ ट्रेंड सुनने में अजीब लगते हैं, तो कुछ हेल्दी. इसी बीच अब Bean Tok नाम का ट्रेंड इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है. 

इसमें दावा किया जा रहा है कि रोजाना दो कप बीन्स खाने से गट हेल्थ बेहतर होती है, पेट भरा रहता है और यहां तक कि मूड और नींद पर भी पॉजिटिव असर पड़ता है. लेकिन सवाल यह है कि क्या यह ट्रेंड वास्तव में उतना कारगर है, जितना सोशल मीडिया पर दिखाया जा रहा है? आइए इसे थोड़ी गहराई से समझते हैं.

Bean Tok क्या है?

Bean Tok कोई जटिल ट्रेंड नहीं है. बस इतना कहा जा रहा है कि रोज दो कप बीन्स खाने से आपके पेट के बैक्टीरिया यानी गट माइक्रोबायोटा बेहतर होते हैं. बीन्स में प्रोटीन, फाइबर, कार्ब्स और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो पाचन और कोलेस्ट्रॉल को सुधारते हैं.

लेकिन एक्सपर्ट्स कहते हैं कि हर किसी के लिए दो कप बीन्स जरूरी नहीं. आधा से एक कप रोज़ाना भी पर्याप्त फायदेमंद हो सकता है. इसके अलावा, अचानक ज्यादा मात्रा में बीन्स लेने से गैस, ब्लोटिंग और पाचन संबंधी परेशानियां हो सकती हैं. इसलिए संतुलित डाइट में दही, अंडा, दाल और टोफू जैसे प्रोटीन सोर्स को शामिल करना बेहतर रहता है.

क्या बीन्स से मूड और नींद पर असर पड़ता है?

कुछ सोशल मीडिया पोस्ट दावा करते हैं कि रोज दो कप बीन्स खाने से मूड बेहतर होता है, स्ट्रेस कम होता है और नींद सुधरती है. वास्तविकता यह है कि बीन्स गट बैक्टीरिया को पोषण देते हैं, जिससे गट-ब्रेन कनेक्शन के जरिये मूड पर अप्रत्यक्ष असर हो सकता है. लेकिन यह दावा कि बीन्स सीधे स्ट्रेस या नींद को सुधारते हैं, किसी ठोस रिसर्च पर आधारित नहीं है.

भारतीय डाइट में Bean Tok नया क्यों नहीं है?

असल में भारत में बीन्स, दालें और लेग्यूम्स हमेशा से हमारी थाली का हिस्सा रहे हैं. राजमा-चावल, छोले-दाल, अंकुरित अनाज जैसी चीजें रोजाना खाई जाती हैं. इनकी तैयारी, भिगोना, उबालना या फर्मेंट करना, पाचन को पहले से बेहतर बनाती है.

इसलिए एक्सपर्ट्स कहते हैं कि फाइबर से भरपूर बीन्स को डाइट में शामिल करना फायदेमंद है, लेकिन मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है. सोशल मीडिया ट्रेंड देखकर अचानक दो कप बीन्स खाना जरूरी नहीं है, खासकर जब भारतीय डाइट में पहले से ही पर्याप्त बीन्स और दालें मौजूद हैं.

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