India vs Bangladesh Power Comparison: हाल के दिनों में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों से जुड़ी घटनाओं को लेकर भारत ने सार्वजनिक रूप से चिंता जताई है. इसी क्रम में बांग्लादेश में एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग की घटना सामने आई, जिसमें ईशनिंदा के आरोपों के बाद उसे पीटकर मार डाला गया और शव को आग लगा दी गई. इस मामले में अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों की गिरफ्तारी की खबर है.
इन घटनाओं के बाद भारत–बांग्लादेश संबंधों में पहले से मौजूद तनाव एक बार फिर चर्चा में आ गया है. शेख हसीना सरकार के सत्ता से हटने के बाद से दोनों देशों के रिश्तों में ठंडापन देखा जा रहा है. ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि यदि हालात और बिगड़ते हैं, तो सैन्य क्षमता के लिहाज से दोनों देशों की स्थिति क्या है.
सैन्य शक्ति की तुलना में भारत की स्पष्ट बढ़त
यदि केवल सैन्य ताकत के आधार पर तुलना की जाए, तो उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि भारत और बांग्लादेश के बीच क्षमता का अंतर काफी बड़ा है. सैन्य संसाधन, तकनीक, हथियारों की संख्या और रक्षा बजट हर पैमाने पर भारत बांग्लादेश से कहीं आगे दिखाई देता है.
वायुसेना: भारत को भारी बढ़त
वायुसेना के मामले में भारत की स्थिति बेहद मजबूत मानी जाती है. उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार बांग्लादेश के पास लगभग 100 लड़ाकू विमान हैं, जबकि भारत के पास करीब 1,080 कॉम्बैट एयरक्राफ्ट मौजूद हैं. यानी इस क्षेत्र में भारत की क्षमता बांग्लादेश से दस गुना से भी अधिक है.
अटैक हेलीकॉप्टरों की बात करें तो बांग्लादेश के पास लगभग 24 हेलीकॉप्टर हैं, जबकि भारतीय वायुसेना और थलसेना के पास करीब 140 अटैक हेलीकॉप्टर हैं. इससे हवाई अभियानों में भारत को स्पष्ट रणनीतिक लाभ मिलता है.
थलसेना: टैंकों और भारी हथियारों में अंतर
जमीनी सैन्य शक्ति में भी दोनों देशों के बीच बड़ा अंतर नजर आता है. बांग्लादेश के पास लगभग 662 मुख्य युद्धक टैंक हैं, जबकि भारत के पास करीब 5,978 टैंक मौजूद हैं. यह अंतर दर्शाता है कि किसी भी पारंपरिक जमीनी संघर्ष की स्थिति में भारत की स्थिति कहीं अधिक मजबूत होगी.
इसके अलावा तोपखाने, बख्तरबंद वाहन और लॉजिस्टिक सपोर्ट के मामले में भी भारतीय सेना को बढ़त हासिल है.
रक्षा बजट में 50 गुना से ज्यादा का फर्क
रक्षा बजट दोनों देशों की सैन्य क्षमता को समझने का एक अहम पैमाना है. बांग्लादेश का सालाना रक्षा बजट करीब 0.83 अरब अमेरिकी डॉलर बताया जाता है, जबकि भारत का रक्षा बजट लगभग 42.84 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है.
इसका अर्थ यह है कि भारत का सैन्य खर्च बांग्लादेश से 50 गुना से भी अधिक है. यही वजह है कि भारत अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों, स्वदेशी रक्षा उत्पादन और सैन्य अनुसंधान में बड़े पैमाने पर निवेश कर पा रहा है.
नौसेना में भी भारत आगे
नौसैनिक ताकत के मामले में भी भारत की स्थिति कहीं ज्यादा मजबूत है. भारत के पास 2 विमानवाहक पोत, 20 से अधिक पनडुब्बियां (जिनमें परमाणु पनडुब्बियां भी शामिल हैं) और कई आधुनिक युद्धपोत हैं.
इसके मुकाबले बांग्लादेश के पास न तो विमानवाहक पोत हैं और न ही पनडुब्बियां. उसकी नौसेना मुख्य रूप से तटीय सुरक्षा तक सीमित है और इसमें लगभग 6 कोरवेट श्रेणी के युद्धपोत शामिल हैं.
सैनिकों की संख्या और अन्य संकेतक
सैन्य कर्मियों की संख्या के लिहाज से भी भारत आगे है. प्रति 1,000 आबादी पर भारत में लगभग 2.78 सैन्य कर्मी हैं, जबकि बांग्लादेश में यह आंकड़ा करीब 1.78 है.
हालांकि, ग्लोबल पीस इंडेक्स के अनुसार बांग्लादेश का स्कोर लगभग 2.16 और भारत का 2.57 बताया गया है, जिससे बांग्लादेश को तुलनात्मक रूप से थोड़ा अधिक शांत देश माना जाता है. यह संकेत देता है कि बांग्लादेश की सैन्य संरचना मुख्य रूप से रक्षात्मक और आंतरिक सुरक्षा आवश्यकताओं तक सीमित है.
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