Virat Kohli Century: भारत के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के लिए खेली गई धमाकेदार पारी के बाद अपने शतक के बाद जश्न न मनाने की वजह साझा की. कोहली ने 60 गेंदों में नाबाद 105 रन बनाकर टीम को छह विकेट से जीत दिलाई और आरसीबी को आईपीएल अंकतालिका में शीर्ष स्थान पर पहुंचा दिया.
37 वर्षीय कोहली ने मैच के बाद कहा कि लगातार अच्छे प्रदर्शन का दबाव उन्हें भी महसूस होता है. उन्होंने बताया कि पिछले दो मैचों में शून्य पर आउट होने के कारण वह नर्वस हो गए थे. कोहली ने कहा, “पिछले दो मैचों में रन नहीं बना पाने से मैं काफी बेचैन था. मुझे पता था कि मैं अच्छा खेल सकता हूँ और रन बना सकता हूँ. जब आप रन नहीं बना पाते और टीम के लिए योगदान नहीं दे पाते, तो बेचैनी स्वाभाविक है.”
टीम के लिए हमेशा योगदान
कोहली ने आगे कहा कि उनका हमेशा से लक्ष्य टीम के लिए योगदान देना रहा है. “मैं लगातार अपने प्रदर्शन को बेहतर बनाने की कोशिश करता हूँ ताकि टीम को अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकूँ और उसका फायदा हो.” उन्होंने यह भी कहा कि दबाव और नर्वसनेस उन्हें अपने खेल को और बेहतर बनाने में मदद करती है.
शतक के बाद सेलिब्रेशन क्यों नहीं
कोहली को उनके उत्साही और आक्रामक सेलिब्रेशन के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार शतक के बाद उन्होंने सामान्य तौर पर जश्न मनाया. जब उनसे इसका कारण पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया, “शतक के बाद जश्न इसलिए बड़ा नहीं था क्योंकि हमें अंक की अहमियत का पता है. हम सभी टीम के लिए खेलते हैं. दबाव अच्छा होता है क्योंकि यह आपको अपने खेल में सुधार करने और अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरित करता है. दो मैचों में अच्छे प्रदर्शन न कर पाने की बेचैनी ने मुझे इस पारी में और बेहतर खेलने के लिए प्रेरित किया.”
नाकामियों से मिली प्रेरणा
कोहली ने यह भी कहा कि किसी भी खिलाड़ी के लिए नाकामियां जरूरी हैं क्योंकि ये आपको और बेहतर बनाने के लिए प्रेरित करती हैं. उनका मानना है कि कठिनाइयाँ और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियाँ ही किसी खिलाड़ी के चरित्र और खेल को निखारती हैं.
इस पारी के साथ ही विराट कोहली ने आईपीएल में अपना नौवां शतक जड़ा और लीग में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा को पीछे छोड़ दिया. प्लेयर ऑफ़ द मैच का खिताब जीतने के बाद कोहली ने अपने अनुभव साझा करते हुए यह भी बताया कि उनकी प्राथमिकता हमेशा टीम की जीत और टीम के लिए योगदान देना है, न कि व्यक्तिगत उपलब्धियों का प्रदर्शन.
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