जिनपिंग का वो फैसला, जिससे भड़क गए ट्रंप... चीन पर क्यों लगाया 100% टैरिफ? जानें इनसाइड स्टोरी

अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर चरम पर है.

Why did Trump impose 100% tariffs on China
प्रतिकात्मक तस्वीर/ ANI

अमेरिका और चीन के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर चरम पर है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन से आने वाले सभी उत्पादों पर 100 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है. यह फैसला 1 नवंबर 2025 से लागू होगा और इससे वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मच गई है.

इस कड़े निर्णय की वजह चीन का हालिया कदम है, जिसमें उसने रेयर अर्थ मिनरल्स के निर्यात पर नए प्रतिबंध लागू करने का ऐलान किया है. चीन ने इन खनिजों के निर्यात पर सख्त नियंत्रण का फैसला किया है, जिसका तात्पर्य है कि अब कोई भी देश चीन से इन मिनरल्स का आयात तभी कर सकेगा, जब उसे विशेष सरकारी मंजूरी प्राप्त हो.

चीन का तर्क है कि यह कदम पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर उठाया गया है. लेकिन अमेरिका इस कदम को आर्थिक दबाव बनाने वाली रणनीति मान रहा है.

क्या हैं रेयर अर्थ मिनरल्स?

रेयर अर्थ मिनरल्स (Rare Earth Elements) एक विशेष समूह के 17 खनिज होते हैं, जिनमें लैंथेनम (Lanthanum), नियोडिमियम (Neodymium), यूरोपियम (Europium) जैसे महत्वपूर्ण तत्व शामिल हैं. ये खनिज कई अत्याधुनिक तकनीकों में उपयोग होते हैं, जैसे:

  • स्मार्टफोन
  • इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ
  • कंप्यूटर चिप्स
  • रक्षा उपकरण (military hardware)
  • विंड टर्बाइंस और अन्य ग्रीन एनर्जी टेक्नोलॉजी

दुनिया की कुल जरूरत का लगभग 80% से अधिक रेयर अर्थ मिनरल्स चीन से निर्यात होते हैं, जिससे यह इस क्षेत्र में प्रमुख खिलाड़ी बन चुका है.

चीन का रणनीतिक कदम

चीन का नया फैसला सिर्फ अमेरिका तक सीमित नहीं है. उसने भारत जैसे साझेदार देशों को भी स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वे चीन से प्राप्त रेयर अर्थ मिनरल्स को अमेरिका को री-एक्सपोर्ट (दोबारा निर्यात) न करें. यह कदम अमेरिका की सप्लाई चेन पर सीधा प्रभाव डाल सकता है, जो पहले से ही चीन पर काफी हद तक निर्भर है.

चीन को ट्रंप का कड़ा जवाब

डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के इस कदम को धोखेबाजी करार दिया है और इसके जवाब में अमेरिका में चीनी उत्पादों पर 100% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है. पहले से ही चीन से आने वाले सामान पर औसतन 30% तक टैरिफ लागू था. अब ट्रंप के नए फैसले के बाद यह कुल टैरिफ 130% तक पहुंच जाएगा.

इसका सीधा असर यह होगा कि चीनी सामान अमेरिका में पहले से कहीं अधिक महंगे हो जाएंगे, जिससे न केवल उपभोक्ताओं को झटका लग सकता है, बल्कि व्यापारिक संबंध और भी बिगड़ सकते हैं.

शी जिनपिंग से मुलाकात भी रद्द

डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से इस महीने के अंत में प्रस्तावित मुलाकात भी रद्द कर दी है. यह बैठक दक्षिण कोरिया में होने वाले APEC (Asia-Pacific Economic Cooperation) शिखर सम्मेलन के दौरान होनी थी.

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि अब शी जिनपिंग से मिलने का कोई औचित्य नहीं रह गया है. उन्होंने कहा, “अब उनसे मिलने की जरूरत नहीं है, क्योंकि चीन ने फिर से अमेरिका की पीठ में छुरा घोंपा है.”

इसके पीछे चीन की मंशा क्या है?

जानकारों की मानें तो चीन अब अमेरिका की आर्थिक नीतियों और प्रतिबंधों से तंग आ चुका है. अमेरिका ने हाल के वर्षों में चीनी टेक कंपनियों जैसे कि Huawei, ZTE और TikTok पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं. इसके अलावा अमेरिका ने चीन के सेमीकंडक्टर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े क्षेत्रों में भी निवेश और तकनीकी ट्रांसफर पर रोक लगाई है.

इस संदर्भ में चीन को लगता है कि रेयर अर्थ मिनरल्स उसका एकमात्र ट्रंप कार्ड हैं, जिसके जरिए वह अमेरिका को आर्थिक स्तर पर चुनौती दे सकता है.

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