भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी छलांग लगाते हुए अत्याधुनिक हाइपरसोनिक एयर-लॉन्च्ड मिसाइल प्रणाली के विकास में महत्वपूर्ण प्रगति की है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित की जा रही रुद्रम-III (RudraM-III) मिसाइल, देश की पहली हाइपरसोनिक एंटी-रेडिएशन मिसाइलों में से एक होगी. यह मिसाइल दुश्मन के रडार, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, मोबाइल मिसाइल लॉन्चर और बंकर जैसी संरचनाओं को नष्ट करने में सक्षम होगी.
रुद्रम-III की सबसे उल्लेखनीय विशेषता इसकी हाइपरसोनिक गति है. इसे Mach 5 (लगभग 6174 किलोमीटर प्रति घंटे) या उससे अधिक की गति से लक्ष्य की ओर भेजा जा सकता है. इतनी तेज गति से चलने वाली मिसाइल को न सिर्फ दुश्मन के रडार से पकड़ पाना कठिन होता है, बल्कि उनके पास प्रतिक्रिया देने का भी समय नहीं होता.
इस तकनीक के साथ भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जो हवा से दागी जाने वाली हाइपरसोनिक मिसाइलों को ऑपरेशनल रूप में विकसित कर रहे हैं.
रुद्रम सीरीज: तीसरे संस्करण में घातक क्षमताएं
रुद्रम-III, रुद्रम-सीरीज की तीसरी और सबसे उन्नत मिसाइल है. इससे पहले DRDO ने रुद्रम-I और रुद्रम-II मिसाइलें विकसित की थीं जो एंटी-रेडिएशन और जमीनी लक्ष्यों को भेदने में सक्षम थीं.
रुद्रम-III का विकास न केवल इन दोनों वर्जनों के अनुभवों के आधार पर किया जा रहा है, बल्कि इसमें अत्याधुनिक गाइडेंस सिस्टम, लंबी दूरी की मारक क्षमता और हाइपरसोनिक प्रोपल्शन भी जोड़ा गया है.
Su-30MKI के लिए डिजाइन की गई
रुद्रम-III को विशेष रूप से भारतीय वायुसेना के Su-30MKI मल्टीरोल फाइटर जेट से दागे जाने के लिए डिजाइन किया गया है. DRDO और Hindustan Aeronautics Limited (HAL) ने इस मिसाइल को इस विमान के साथ इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल एकीकरण परीक्षण पहले ही सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं.
इसके अलावा, भविष्य में इस मिसाइल को राफेल फाइटर जेट और तेजस Mk-2 जैसे अन्य भारतीय फाइटर जेट्स में भी इंटीग्रेट करने की योजना है, जिससे भारतीय वायुसेना के सभी प्रमुख प्लेटफॉर्मों की स्ट्राइक क्षमता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी.
दुश्मन की रडार प्रणाली पर सटीक वार
रुद्रम-III को Air-to-Ground Anti-Radiation Missile के रूप में विकसित किया गया है. इसका मुख्य कार्य दुश्मन की रेडार, सिग्नल और संचार प्रणालियों को निशाना बनाना है. यह मिसाइल दुश्मन की रक्षा प्रणाली को अंधा कर देने में सक्षम होगी, जिससे वायुसेना को सुरक्षित स्ट्राइक करने का मौका मिलेगा.
बंकरों को नष्ट करने में सक्षम
रुद्रम-III को केवल रडार और सतह पर स्थित सिग्नल सेंटर ही नहीं, बल्कि सुरक्षित बंकरों और किलेबंद सैन्य ठिकानों को भी नष्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें लगाया गया Solid-Fuel Ducted Ramjet (SFDR) इंजन इसे लंबे समय तक उच्च गति बनाए रखने और ज्यादा रेंज तक लक्ष्य को भेदने की क्षमता देता है.
इसका विकास Defence Research and Development Laboratory (DRDL) द्वारा किया गया है.
भारत में बना विश्वस्तरीय हथियार
रुद्रम-III को भारत के दो प्रमुख रक्षा अनुसंधान केंद्र- RCI (Research Centre Imarat) और IRDE (Instruments Research and Development Establishment) ने मिलकर विकसित किया है.
DRDO के अनुसार:
ट्रायल और उत्पादन योजना
इसके बाद भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) में इसका सीमित श्रृंखला उत्पादन (Limited Series Production) शुरू किया जाएगा.
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