इस्लामाबाद/काबुल: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच चल रहा सीमा तनाव अब दोनों देशों की अर्थव्यवस्था पर भारी पड़ रहा है. 11 अक्टूबर 2025 से तोरखम सीमा बंद होने के बाद से दोनों देशों के बीच व्यापार पूरी तरह ठप है. इसका असर सबसे ज़्यादा पाकिस्तान के बाज़ारों पर दिखाई दे रहा है, जहां रोजमर्रा की चीज़ों की कीमतें अचानक कई गुना बढ़ गई हैं.
काबुल में पाक-अफगान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष खान जान अलोकोजाय के अनुसार, सीमा बंद होने के बाद हर दिन दोनों देशों को करीब 10 लाख अमेरिकी डॉलर (लगभग 8.3 करोड़ पाकिस्तानी रुपये) का नुकसान हो रहा है.
सीमा विवाद से ठप हुआ व्यापार
तोरखम और स्पिन बोल्डक जैसे प्रमुख सीमा मार्गों से हर दिन हजारों ट्रक और कंटेनर दोनों देशों के बीच वस्तुएं लेकर आते-जाते थे. लेकिन अब सभी व्यापारिक गतिविधियां बंद पड़ी हैं.
अलोकोजाय ने बताया, "सीमा बंद होने से अफगानिस्तान से पाकिस्तान जाने वाले करीब 500 कंटेनरों का निर्यात रोजाना रुक गया है. इनमें ज्यादातर सब्ज़ियां, फल और अनाज होते थे."
इसका असर दोनों तरफ के व्यापारियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं पर भी गहराई से पड़ा है.
टमाटर और फलों की कीमतों में बढ़ोतरी
पाकिस्तान में सबसे बड़ा असर खाद्य वस्तुओं की कीमतों पर पड़ा है. सीमा बंद होने से पहले टमाटर 120 रुपये प्रति किलो बिक रहा था, लेकिन अब इसका भाव बढ़कर 600 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है.
इसी तरह सेब, अंगूर और अन्य फलों की कीमतें भी दोगुनी-तिगुनी हो गई हैं, क्योंकि इनका एक बड़ा हिस्सा अफगानिस्तान से आयात किया जाता है.
स्थानीय व्यापारियों के अनुसार, "पाकिस्तान के उत्तरी और पश्चिमी इलाकों में बाजारों से ताज़ी सब्ज़ियां लगभग गायब हो चुकी हैं. जो माल उपलब्ध है, वह बहुत महंगा मिल रहा है."
सीमा पर फंसे 5,000 से अधिक कंटेनर
तोरखम बॉर्डर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 5,000 कंटेनर दोनों ओर फंसे हुए हैं. इनमें केवल फल और सब्जियां ही नहीं, बल्कि कई अहम वस्तुएं शामिल हैं, जैसे दवाइयां, चावल, गेहूं, चीनी, मांस, डेयरी उत्पाद और खनिज सामग्री.
सीमा बंद होने से इन नाशवान वस्तुओं का बड़ा हिस्सा खराब होने की कगार पर है. कई कंटेनर ठंडे भंडारण (cold storage) की कमी के कारण बर्बाद भी हो चुके हैं.
पाकिस्तान के व्यापार संघों का कहना है कि सीमा विवाद लंबा चला तो अगले कुछ हफ्तों में देश में खाद्य संकट जैसी स्थिति बन सकती है.
झड़पों और हवाई हमलों से तनाव बढ़ा
सीमा विवाद की जड़ हाल के हफ्तों में हुई सीमापार झड़पों और गोलीबारी में है. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर आरोप लगाया है कि उसके इलाके से आतंकवादी पाकिस्तान की चौकियों पर हमले कर रहे हैं.
इस पर पाकिस्तान ने सीमा के पास सैन्य कार्रवाई की, जिसके जवाब में दोनों ओर गोलीबारी हुई. कुछ जगहों पर हवाई हमले भी हुए, जिनमें दोनों देशों के नागरिक हताहत हुए हैं.
अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि पाकिस्तान अपने “आंतरिक सुरक्षा मुद्दों” के लिए काबुल को दोष दे रहा है.
यह संघर्ष 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से अब तक का सबसे बड़ा सीमा टकराव माना जा रहा है.
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