Taliban Pakistan Clash: अगस्त 2021 में अफगानिस्तान पर तालिबान के नियंत्रण के बाद एक तस्वीर ने कई सवाल खड़े किए थे. इस तस्वीर में पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद, पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों के साथ काबुल के एक होटल में चाय पीते दिखाई दिए थे. उस समय यह सिर्फ एक तस्वीर थी, लेकिन अब पाकिस्तान के लिए इसका परिणाम बेहद गंभीर साबित हुआ है.
हाल ही में पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री इशाक डार ने संसद में खुलासा किया कि उस चाय की कीमत पाकिस्तान ने चुकानी पड़ रही है. डार के अनुसार, एक कप चाय ने अफगान-पाकिस्तान सीमा को खोल दिया और सरकार ने उस समय 100 से ज्यादा तालिबानी अपराधियों को रिहा कर दिया. ये वही लोग थे जिन्होंने पाकिस्तान के झंडे जलाए और नागरिकों पर हमले किए. इसके बाद करीब 35,000-40,000 तालिबानी पाकिस्तान लौट आए. डार ने साफ किया कि TTP द्वारा पाकिस्तान में हमलों की जिम्मेदारी उस समय की सरकार पर है और इसे देश के लिए एक बड़ा सबक बताया.
Storm over a cup of tea. Pakistan’s Foreign Minister and Deputy Prime Minister Ishaq Dar recounts the then DG ISI Lt Gen Faiz Hameed's cup of tea after the Taliban takeover of Afghanistan turned out costly as the borders were opened and dreaded terrorists released pic.twitter.com/6GBWTkOivL
— Yeshi Seli (@YeshiSeli) November 5, 2025
चार सालों में 1920 सैनिक शहीद
डार के मुताबिक, पिछले चार सालों में TTP के हमलों में पाकिस्तान ने भारी नुकसान झेला है. 2022 में 379 सैनिक मारे गए, 2023 में संख्या बढ़कर 754 हुई, 2024 में 527 और 2025 में अब तक 260 सैनिक शहीद हो चुके हैं. कुल मिलाकर, पिछले चार सालों में 1920 पाकिस्तानी सैनिक TTP हमलों में शहीद हुए हैं.
सीजफायर और विवादित रिश्ते
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 19 अक्टूबर को युद्धविराम पर सहमति बनी थी, जिसमें तुर्की और कतर ने मध्यस्थता की. हालांकि, तालिबान के सत्ता में आने के बाद से ही दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हैं. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान में मौजूद TTP संगठन पाकिस्तान में हमलों की योजना बनाता है, जबकि अफगानिस्तान इसे लगातार नकारता रहा है.
TTP की बढ़ती हिंसा
पिछले छह महीनों में TTP ने पाकिस्तान में हजारों हमले किए हैं. सिर्फ जुलाई में ही 300 से ज्यादा हमले दर्ज किए गए. पूरे 2024 में TTP के हमलों की संख्या 856 थी, जो 2023 के 645 हमलों से काफी अधिक है. यानी हर दिन औसतन 2-3 हमले होते रहे. ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के अनुसार, 2024 में TTP की गतिविधियों से 558 मौतें हुईं, जो पाकिस्तान में आतंकवाद से होने वाली कुल मौतों का 52% था.
डार की यह टिप्पणी इस बात की ओर इशारा करती है कि पाकिस्तान में सुरक्षा चुनौती सिर्फ वर्तमान सरकार की चिंता नहीं बल्कि पिछले फैसलों का भी परिणाम है. एक मामूली सी घटना, एक कप चाय ने पाकिस्तान की सुरक्षा पर गहरा प्रभाव डाला और देश अब TTP के हमलों के बीच नई रणनीति अपनाने के लिए मजबूर है.
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