अमेरिकी राजनीति में एक बार फिर तीखी बयानबाजी देखने को मिली है. डोनाल्ड ट्रंप ने डेमोक्रेटिक सांसद इल्हान उमर पर सार्वजनिक मंच से निशाना साधा, जिसके बाद राजनीतिक माहौल गर्मा गया है. फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने न केवल उमर की राजनीतिक विचारधारा की आलोचना की, बल्कि उनके मूल देश सोमालिया की स्थिति पर भी विवादित टिप्पणी की.
अपने संबोधन में ट्रंप ने सोमालिया को लेकर कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया और वहां की स्थिति को अव्यवस्थित तथा अपराध से ग्रस्त बताया. उन्होंने कहा कि वहां की व्यवस्था कमजोर है और सुरक्षा व्यवस्था भी ठीक नहीं है. इसी दौरान उन्होंने इल्हान उमर का जिक्र करते हुए कहा कि वह ऐसे देश से आकर अमेरिका को चलाने की बातें करती हैं.
ट्रंप ने यह भी कहा कि उमर संविधान का हवाला देकर अपने अधिकारों की मांग करती हैं, जिस पर उन्होंने आपत्ति जताई. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई.
निजी जिंदगी पर टिप्पणी से बढ़ा मामला
विवाद उस समय और गहरा गया जब ट्रंप ने उमर के निजी जीवन से जुड़े एक पुराने और अप्रमाणित आरोप को दोहराया. उन्होंने उनके विवाह को लेकर टिप्पणी की, जो पहले भी कई बार चर्चा में रही है, लेकिन इसके समर्थन में कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है. इस टिप्पणी को लेकर कई लोगों ने नाराजगी जताई.
इल्हान उमर का जवाब
ट्रंप के बयान के बाद इल्हान उमर ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से ट्रंप के आरोपों को खारिज किया और उनके बयानों को निराधार बताया. उमर ने ट्रंप की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह की टिप्पणियां राजनीतिक संवाद को कमजोर करती हैं.
पहले भी हो चुका है टकराव
ट्रंप और उमर के बीच यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की बयानबाजी हुई हो. इससे पहले भी दोनों नेताओं के बीच कई बार टकराव हो चुका है. साल 2025 में भी उमर ने ट्रंप के एक बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने सोमालिया के नेतृत्व से उमर को लेकर बात की थी. उस समय भी उमर ने ट्रंप के दावों को झूठा बताया था.
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी सोमालिया की स्थिति को लेकर कई टिप्पणियां की थीं और इसे उमर के बयानों से जोड़कर पेश किया था.
कौन हैं इल्हान उमर
इल्हान उमर अमेरिका की प्रमुख राजनीतिक हस्तियों में से एक हैं. वह डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़ी हुई हैं और मिनेसोटा से सांसद हैं. 2019 में उन्होंने अमेरिकी संसद में प्रवेश किया और कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं.
वह अमेरिका की पहली मुस्लिम महिला सांसदों में शामिल हैं और पहली अफ्रीकी मूल की शरणार्थी हैं, जिन्होंने चुनाव जीतकर संसद तक पहुंच बनाई. इसके अलावा, वह उन पहली अश्वेत महिलाओं में भी शामिल हैं, जिन्होंने इस स्तर तक जगह बनाई.
उनका जन्म सोमालिया में हुआ था, लेकिन वहां के गृहयुद्ध के कारण उनका परिवार देश छोड़ने पर मजबूर हो गया. बचपन में वह केन्या के एक शरणार्थी शिविर में रहीं और बाद में उनका परिवार अमेरिका में आकर बस गया. इसके बाद उन्होंने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई और 2016 में मिनेसोटा की राज्य विधानसभा में चुनी गईं.
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