जिनेवा: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मंच पर भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को उसके दोहरे चरित्र के लिए घेरा. जब पाकिस्तान ने वैश्विक मंच पर भारत के खिलाफ बयान देने की कोशिश की, तो भारतीय राजनयिक अनुपमा सिंह ने ‘राइट टू रिप्लाई’ का इस्तेमाल करते हुए उसे करारा जवाब दिया. अनुपमा ने पाकिस्तान को आतंकवाद का पोषक बताते हुए कहा कि वह पीड़ित बनने का नाटक नहीं कर सकता.
आतंकवाद को जन्म देता है पाकिस्तान
WHO मुख्यालय में दिए गए अपने बयान में अनुपमा सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा, "पाकिस्तान एक ऐसा देश है जो आतंकवाद को बढ़ावा देता है, और वह अब पीड़ित का मुखौटा पहनकर दुनिया को गुमराह नहीं कर सकता." उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आतंकवादी गतिविधियों की जड़ें पाकिस्तान की धरती से संचालित होती हैं, और वैश्विक मंच पर यह सच्चाई छुपाई नहीं जा सकती.
'Pakistan remains the epicenter of Jehadist terror', Indian Diplomat Anupama Singh at WHO
— Sidhant Sibal (@sidhant) May 21, 2025
'sponsors & organisers operate from Pakistani soil'
'Pakistani continues false narrative on Indus water treaty..'
'Pakistan breeds terrorism, cannot masquerade as victims' pic.twitter.com/qJwlAM497i
ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र और पाकिस्तान के दोगलेपन पर निशाना
भारत की ओर से ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह से लक्षित और सटीक थी, जिसका मकसद पाकिस्तान में पल रहे आतंकवादी ठिकानों को खत्म करना था. उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारत ने अपने ऑपरेशन के दौरान आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की क्षति से बचाने के लिए पूर्ण सतर्कता बरती.
सिंधु जल संधि पर पाक की बयानबाज़ी को बताया भटकाव का प्रयास
पाकिस्तान द्वारा सिंधु जल संधि को लेकर किए गए आरोपों का जवाब देते हुए अनुपमा सिंह ने इसे ध्यान भटकाने की चाल करार दिया. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आतंकी गतिविधियों के मुद्दे से दुनिया का ध्यान हटाने की कोशिश करता है, जबकि असल समस्या उसी की धरती से पनप रही है.
भारत की उभरती हुईं तेजतर्रार राजनयिक
भारत का पक्ष जिस दृढ़ता और तथ्यों के साथ अनुपमा सिंह ने रखा, उसने देशवासियों को गौरवान्वित कर दिया है. भारतीय विदेश सेवा (IFS) की अधिकारी अनुपमा सिंह के पास कंसल्टिंग और प्रशासन दोनों का गहरा अनुभव है. IFS में शामिल होने से पहले उन्होंने KPMG में सीनियर कंसल्टेंट के रूप में कार्य किया.
उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के FMS से MBA (फाइनेंस) किया है और मौलाना आज़ाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से कंप्यूटर साइंस में B.Tech की डिग्री हासिल की है. अनुपमा ने CFA प्रोग्राम में भी दक्षता प्राप्त की है, जिसमें उन्होंने कॉर्पोरेट फाइनेंस, वैल्यूएशन और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता पाई.
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