Quite Piggy Trump Video: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों वैश्विक और घरेलू विवादों के बीच घिरते नज़र आ रहे हैं. टैरिफ नीतियों पर अंतरराष्ट्रीय आलोचना, वेनेजुएला को लेकर सैन्य बयानबाज़ी और जेफरी एपस्टीन फाइल्स से जुड़े ताज़ा आरोपों ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
इसी तनावपूर्ण माहौल में ट्रंप द्वारा एक महिला पत्रकार से कथित तौर पर की गई अपमानजनक टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने नए विवाद को जन्म दे दिया है.
"Quiet. Quite, piggy!" 🐷🤣
— Gnoobin (@9noobin) November 18, 2025
I think he's just trying to be controversial and/or recreate a Rosie O'Donnell moment.#DonaldTrump #Trump #USA pic.twitter.com/pU2hm34JmV
‘चुप रहो, चुप रहो Piggy’
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एयर फोर्स वन पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान ब्लूमबर्ग की रिपोर्टर कैथरीन लूसी ने एपस्टीन मामले से जुड़ा सवाल पूछने की कोशिश की. वीडियो क्लिप के अनुसार, ट्रंप ने बिना सवाल सुने ही उनकी ओर इशारा करते हुए कहा, “चुप रहो, चुप रहो Piggy.”
बताया जाता है कि वह किसी अन्य पत्रकार के प्रश्न का उत्तर दे रहे थे और सवाल बीच में आने पर झुंझला उठे. वीडियो में उन्हें आगे यह कहते भी सुना गया, “तुम सबसे बेकार हो… मुझे समझ नहीं आता तुम्हें रखा क्यों गया है.” वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है, जबकि कई पत्रकार संगठनों ने इसे अनुचित बताया है.
नाम शामिल होने पर बढ़ी राजनीतिक हलचल
जेफरी एपस्टीन फाइल्स उन दस्तावेजों का संग्रह है, जो बाल यौन शोषण के दोषी फाइनेंसर एपस्टीन की संपत्तियों पर छापेमारी के दौरान मिले थे. इसमें कई हाई-प्रोफाइल लोगों के नाम सामने आने की रिपोर्ट है, जिनमें एलन मस्क, एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर और, रिपोर्ट्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप का भी नाम शामिल बताया गया है.
द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने लिखा कि FBI के कुछ अप्रकाशित दस्तावेजों में ट्रंप का नाम दर्ज होने की जानकारी है, हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि उनके खिलाफ किसी गलत कार्य का प्रमाण मिला है. व्हाइट हाउस के एक प्रवक्ता ने इन खबरों को “फर्जी और भ्रामक” बताते हुए खारिज कर दिया है.
रिपब्लिकन पार्टी में भी बढ़ा दबाव
रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप पर अपनी ही पार्टी के कई नेताओं का दबाव बढ़ रहा है कि एपस्टीन मामले से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं. ट्रंप ने इन मांगों को “राजनीतिक जाल” बताते हुए आलोचना की है और कहा है कि केवल “बहुत बुरा या बेवकूफ रिपब्लिकन ही इसमें फंसेगा.”
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