काबुल और इस्लामाबाद के बीच सीमा विवाद ने एक बार फिर गंभीर रूप ले लिया है, जहां हाल ही में अफगानिस्तान के तालिबानी समर्थित सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान के कई सीमावर्ती चौकियों पर अचानक हमला कर दिया. इस हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव चरम सीमा पर पहुंच गया है और संभावित बड़ी सैन्य टकराव की आशंका जताई जा रही है.
यह घटनाक्रम उस समय शुरू हुआ जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के काबुल और पक्तिका में एयर स्ट्राइक की थी, जिसके जवाब में अफगानिस्तान की ओर से डूरंड लाइन पर घातक हमले किए गए. शनिवार देर रात अफगान सुरक्षा बलों ने एक साथ सीमा के पांच से अधिक प्रांतों में स्थित पाकिस्तानी चौकियों को निशाना बनाया.
भागने को मजबूर हुए पाकिस्तानी सैनिक
हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पाकिस्तानी सैनिक अपनी चौकियों को छोड़ हथियार छोड़कर भागने को मजबूर हो गए, जिससे अफगान सैनिकों ने कई चौकियों पर आसानी से कब्जा कर लिया.
अफगानिस्तान के किस प्रांत से हमले हुए?
अफगान सेना के हमले खासतौर पर निम्नलिखित प्रांतों से हुए:
इन क्षेत्रों से अफगान सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से हमले को अंजाम दिया, जिससे पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था हिल गई.
नुकसान और प्रभाव
अफगान पक्ष के अनुसार, इस ऑपरेशन में लगभग 15 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं. इस हमले में पाकिस्तानी सेना की 7 चौकियां पूरी तरह तबाह हुई हैं और कई चौकियों पर अफगान बलों का नियंत्रण स्थापित हो गया है.
एक वीडियो फुटेज में देखा गया कि खोस्त प्रांत में अफगान सैनिक पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा छोड़े गए हथियारों की जांच कर रहे हैं, जो हमले की अचानक और अप्रत्याशित प्रकृति को दर्शाता है.
पाकिस्तानी सेना की प्रतिक्रिया
पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारी इस हमले को "अकारण और गैरजरूरी" गोलीबारी बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि सीमा पर कम से कम छह अलग-अलग जगहों पर गोलीबारी हुई है, जिस पर वे पूर्ण शक्ति के साथ जवाब दे रहे हैं.
पाकिस्तानी सेना ने भी मोर्टार शेलिंग और तोपखाने से अफगानिस्तान के कुछ चौकियों को निशाना बनाया है, जिससे सीमा पर संघर्ष की स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है.
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